नई दिल्ली: भारत सरकार के सेमीकंडक्टर प्रोग्राम (Semiconductor Program) से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलने वाले हैं. अगले महीने पेश होने वाले आम बजट 2025 से पहले, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने इस कार्यक्रम के तहत हुए निवेश और रोजगार सृजन की जानकारी दी है. सरकार का कहना है कि सेमीकॉन इंडिया स्कीम (Semicon India Scheme) के तहत लगभग 85,000 नौकरियां पैदा होंगी.
सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम का उद्देश्य
वित्त मंत्रालय के अनुसार, “सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास के लिए कार्यक्रम” का मुख्य उद्देश्य सेमीकंडक्टर पैकेजिंग (Semiconductor Packaging) और सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग (Semiconductor Designing) कंपनियों को आकर्षक प्रोत्साहन सहायता प्रदान करना है. 15 दिसंबर, 2021 को स्वीकृत इस कार्यक्रम का लक्ष्य वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत की स्थिति को मजबूत करना है.
1.52 लाख करोड़ रुपये का निवेश और रोजगार सृजन
इस कार्यक्रम के अंतर्गत, सरकार ने अब तक पाँच सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी है और 16 सेमीकंडक्टर डिजाइन कंपनियों को समर्थन दिया है. इन परियोजनाओं से कुल 1.52 लाख करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है. इन सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स से लगभग 25,000 प्रत्यक्ष रोजगार (Direct Jobs) और 60,000 अप्रत्यक्ष रोजगार (Indirect Jobs) के अवसर पैदा होंगे.
विकसित भारत के सपने में योगदान
वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा है कि कन्वर्जेंस (Convergence), कम्युनिकेशन (Communication), और ब्रॉडबैंड (Broadband) से जुड़ी टेक्नोलॉजी आने वाले वर्षों में “विकसित भारत” के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.
भारत की प्रगति
मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा कि एक मजबूत नीतिगत ढांचे (Policy Framework) और निवेश के साथ, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग (Semiconductor Manufacturing) में अग्रणी बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. जैसे-जैसे देश इन महत्वपूर्ण तकनीकों में प्रगति कर रहा है, यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में बड़ा योगदान देने और आर्थिक विकास (Economic Growth) को बढ़ावा देने के लिए तैयार है.