लाॅकडाउनः प्रशासन के लिए आफत बने प्रवासी मजदूर, हाइवे पर हंगामा, लाठीचार्ज, आगजनी

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प्रशासन के लिए आफत बने प्रवासी मजदूर, हाइवे पर हंगामा, लाठीचार्ज, आगजनी
प्रशासन के लिए आफत बने प्रवासी मजदूर, हाइवे पर हंगामा, लाठीचार्ज, आगजनी

-आगरा दिल्ली हाइवे पर मजदूरों के हंगामे के बाद हकरत में आया प्रशासन
-मजदूरों को किसी तरह ट्रक, डीसीएम जो भी मिला उसी में ठूंसा और आगे बढ़ा दिया
-कोटवन बार्डर पर पहुंचे डीएम, एसएसपी ने सँभाला, मजदूरों को रवाना करने की ,की जा रही थी व्यवस्था

मथुरा। प्रशासन के लिए प्रवासी मजदूर आफत बन गये है। आगरा दिल्ली हाइवे पर हंगामा बरपा है। पुलिस लाठी चार्ज कर रही है तो कहीं मजदूरों को समझाने का प्रयास कर रही है। कोटवन बार्डर पर हजारों की संख्या में मजदूर यूपी की सीमा में प्रवेश करने के लिए जुटे हैं। वहीं फरह पर रविवार को मजदूरों ने  हंगामा काटा जो मिला उसे ही हाइवे पर रख कर आग लगा दी। इससे पहले शनिवार को भी मजदूरों ने हाइवे पर हंगामा काटा था।
आगरा-दिल्ली हाईवे पर भूखे प्यासे हजारों श्रमिक अब भी पैदल सफर कर रहे हैं। प्राइवेट वाहनों पर प्रतिबंध के बाद सरकारी बसों की व्यवस्था कराने की मांग मजूदर कर रहे हैं। रविवार सुबह करीब 8 बजे मजदूरों का धैर्य जवाब दे गया। थाना क्षेत्र में रैपुरा जाट पुलिस चैकी और रैपुरा जाट गांव के बीच मजदूरों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। आसपास से कूड़ा करकट और कबाड़ का सामान लाकर हाईवे पर रख दिया और उसमें आग लगा दी गई।

प्रशासन के लिए आफत बने प्रवासी मजदूर, हाइवे पर हंगामा, लाठीचार्ज, आगजनी
मजदूरों का कहना था कि वह दो-तीन दिन से भूखे प्यासे हैं। उनकी कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। अब पैदल भी नहीं चलने दिया जा रहा है। गंतव्य तक पहुंचने के लिए वाहन भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। करीब ढाई हजार मजदूर इस क्षेत्र में परेशान घूम रहे हैँ।

प्रशासन के लिए आफत बने प्रवासी मजदूर, हाइवे पर हंगामा, लाठीचार्ज, आगजनी
प्रशासन ने गाड़ियों की व्यवस्था नहीं कराई है इससे नाराज होकर मजदूरों ने आग लगा दी और हाईवे पर जाम लगा दिया। क्षेत्राधिकारी रिफाइनरी वरुण कुमार ने बताया कि मजदूरों की भीड़ अचानक हाईवे पर आ गई और जाम लगा दिया पुलिस ने लाठियां फटकार कर जाम खुलवाया। 

कोटवन बार्डर पर जुटे थे हजारों मजदूर
कोटवन बार्डर पर हजारों की संख्या में मजदूर देर रात से ही जुटे हुए हैं। वह किसी तरह यूपी की सीमा में प्रवेश कर जाना चाहते हैं। पुलिस ने मजदूरों को बाॅर्डर पर ही रोक दिया है। यहां भी हालात हंगामा होने जैसे ही बने हुए हैं। अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाये हुए हैं। प्राइवेट वाहनों से मजदूरों के जाने पर रोक लगाये जाने के बाद स्थिति और बिगड गई है। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र एवं एसएसपी डा.गौरव ग्रोवर कोटवन बार्डर पहुंच गये थे। आलाधिकारियों बसों से प्रवासी जमदूरों को रवाना करने की व्यवस्था में जुटे हुए थे।

शनिवार को भी मजदूरों ने लगाया था जाम
फरह में भूखे प्यासे पैदल चल रहे मजदूरों का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया था। वे फरह के समीप हंगामा करने लगे और जब सुनवाई नहीं हुई तो हाईवे पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। जाम की सूचना मिलते ही डीएम और एसएसपी पहुंच गए और मजदूरों से निःशुल्क उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही मजदूर हटे और यातायात सामान्य हो सका।

बाहरी राज्य एवं जनपदों से आने वाले मजदूरों को आश्रय स्थल पर एकत्रित करके उन्हें भोजन खिलाया जाये तथा उनकी स्क्रीनिंग करके उनको बसों द्वारा उनके गृहजनपद भेजा जाये। आर.टी.ओ. को निर्देश दिये गये हैं कि आवश्यकतानुसार सरकारी बसों के साथ-साथ प्राईवेट बसों का इंतजाम किया जाये, जिससे मजदूर अपने घरों तक पहुंचे। कोई भी मजदूर पैदल एवं ट्रकों से यात्रा नहीं करेगा।
-अनिल कुमार, मण्डलायुक्त आगरा  

आरटीओ को निर्देशित किया गया है कि आदेशानुसार प्राईवेट बसों का तत्काल अधिग्रहण किया जाये, बसों को कोसी कोटवन एवं फरह पर भेजा जाये, जिससे बाहर से आने वाले मजदूरों को उनके घर भेजा जा सके। उन्होंने निर्देश दिये कि जो प्राईवेट बस वाले अपनी बस देने में आना-कानी करें तो उनके विरूद्ध कार्यवाही भी की जाये।
-सर्वज्ञराम मिश्र, जिलाधिकारी

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