छत्तीसगढ़ में सीबीआई की छापेमारी ने राजनीति में एक नया मोड़ ले लिया है। सीबीआई की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर छापा मारा है। इससे पहले 10 मार्च को ईडी की टीम ने भी भूपेश बघेल के घर पर छापेमारी की थी। अब सीबीआई की कार्रवाई ने प्रदेश में हंगामा मचा दिया है। इसके अलावा, सीबीआई ने दुर्ग जिले में कई आईपीएस अधिकारियों के घरों पर भी दबिश दी है।
सीबीआई की छापेमारी
सीबीआई की टीम ने भूपेश बघेल के पदुमनगर निवास पर छापा मारा है, साथ ही दुर्ग जिले के अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई की है। इन स्थानों में भिलाई के 32 बंगले, विधायक देवेंद्र यादव का घर, और पुलिस महानिरीक्षक डॉ आनंद छाबड़ा, आईपीएस प्रशांत अग्रवाल और आईपीएस अभिषेक महेश्वरी के ठिकाने शामिल हैं। यह कार्रवाई कुल 16 जगहों पर की गई है।
सीबीआई द्वारा छापे गए प्रमुख ठिकाने
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भूपेश बघेल का पदुमनगर स्थित घर
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विधायक देवेंद्र यादव का घर (सीबीआई को घर में घुसने में ढाई घंटे का समय लगा)
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दुर्ग जिले के सेक्टर 9 और 17, जहां पुलिस अधिकारियों के ठिकानों पर दबिश दी गई
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भिलाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव का बंगला
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रायपुर और भिलाई में पुलिस अधिकारियों के ठिकानों पर कार्रवाई जारी
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
भूपेश बघेल के घर सीबीआई की कार्रवाई पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह छापेमारी राजनीतिक प्रतिशोध के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल को पंजाब के प्रभारी बनाए जाने के बाद से बीजेपी के नेता डर गए हैं, और मोदी सरकार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को दबाने की कोशिश कर रही है।
भूपेश बघेल का बयान
भूपेश बघेल ने इस छापेमारी को लेकर एक पोस्ट भी साझा किया है। उन्होंने कहा, “अब सीबीआई आई है। आगामी 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित ‘ड्राफ्टिंग कमेटी’ की मीटिंग के लिए आज दिल्ली जाने का कार्यक्रम था, लेकिन उससे पहले सीबीआई रायपुर और भिलाई निवास पहुंच चुकी है।”
सीबीआई की छापेमारी छत्तीसगढ़ की राजनीति में तूल पकड़ रही है। जहां एक तरफ कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध मान रही है, वहीं बीजेपी और अन्य विपक्षी दल इसे कानून-व्यवस्था की सामान्य प्रक्रिया के रूप में देख रहे हैं। अब देखना यह है कि इस छापेमारी से जुड़ी भविष्यवाणी और आरोपों पर किस तरह की कार्यवाही होती है और क्या यह मामला चुनावी राजनीति पर भी असर डालता है।