पटना, बिहार। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज हो गई है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी पार्टी को सम्मानजनक सीटें नहीं मिलीं, तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे।
मांझी ने अपनी बात को ‘मांग’ नहीं बल्कि ‘अनुरोध’ बताते हुए स्पष्ट किया है कि यह उनके लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति है।
15 सीटों से कम पर मांझी चुनाव लड़ने को तैयार नहीं
जीतन राम मांझी ने अपनी पार्टी के लिए कम से कम 15 सीटों की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह एनडीए गठबंधन में बने रहना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उनकी पार्टी को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व मिलना आवश्यक है।
मांझी ने कहा, “यह मेरा अनुरोध है, कोई मांग नहीं। मैं एनडीए में हूं और रहना चाहता हूं, लेकिन अगर हमें कम से कम 15 सीटें नहीं मिलतीं, तो हम चुनाव नहीं लड़ेंगे।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह एक अनुशासित नेता हैं और अंतिम निर्णय के रूप में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के फैसले का सम्मान करेंगे।
पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा होगी, जिसके बाद अंतिम निर्णय दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
कुशवाहा और पासवान की भी बढ़ी मांगें
मांझी की इस ‘करो या मरो’ की शर्त ने गठबंधन में तनाव को और बढ़ा दिया है। इससे पहले, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी 40 सीटों की मांग की थी। हालांकि, लंबी बातचीत के बाद उन्होंने इसे कम करके 26 सीटों पर सहमति जताई थी।
दूसरी ओर, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने भी गठबंधन से 24 सीटों की मांग कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कुशवाहा की यह मांग एक रणनीतिक दबाव है, जिसका उद्देश्य गठबंधन में कम से कम 10 से 12 प्रभावशाली सीटों पर टिकट सुनिश्चित करना है।
सीट बंटवारे की घोषणा जल्द संभव
गठबंधन के प्रमुख दल बीजेपी और जेडीयू दोनों ही इन बढ़ती मांगों पर विचार कर रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद, बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जयस्वाल ने संकेत दिया है कि रविवार को सीट बंटवारे की अंतिम घोषणा की जा सकती है।
एनडीए के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर बढ़ता यह तनाव, गठबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती है। आगामी विधानसभा चुनाव में सफलता प्राप्त करने के लिए सभी दलों को आपसी सहमति और सम्मान से एक मजबूत गठबंधन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
