तमिलनाडु के करूर में विजय की रैली में मची भगदड़, 39 की दर्दनाक मौत
तमिलनाडु के करूर ज़िले में अभिनेता से राजनेता बने विजय की राजनीतिक पार्टी TVK (तमिझगा विझल कच्ची) की एक रैली भारी भीड़ के कारण त्रासदी में तब्दील हो गई। शनिवार को हुई इस हृदयविदारक भगदड़ में कुल 39 लोगों की जान चली गई, जिनमें 17 महिलाएं और 10 मासूम बच्चे शामिल हैं।
- तमिलनाडु के करूर में विजय की रैली में मची भगदड़, 39 की दर्दनाक मौत
- हादसे में मारे गए लोगों के लिए शोक, सरकार ने किया मुआवज़े का ऐलान
- हादसे की जांच के लिए आयोग का गठन
- DMK का आरोप — “विजय ने भीड़ जानबूझकर जुटाई, लापरवाही की इंतहा”
- कैसे हुआ हादसा? चश्मदीदों की जुबानी
- स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट — 39 मौतें, 67 घायल
- FIR दर्ज, TVK नेताओं के खिलाफ केस
- विजय की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
- राजनीति में भीड़ जुटाना साख नहीं, ज़िम्मेदारी का मामला है
यह रैली विजय की लोकप्रियता और राजनीतिक विस्तार के लिहाज से अहम मानी जा रही थी, लेकिन अनियंत्रित भीड़ और व्यवस्थागत चूक ने एक बड़े हादसे को जन्म दे दिया।
हादसे में मारे गए लोगों के लिए शोक, सरकार ने किया मुआवज़े का ऐलान
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मारे गए लोगों के परिजनों को ₹10 लाख और घायलों को ₹1 लाख की सहायता राशि देने का एलान किया। स्टालिन रात में करूर पहुंचे, जहां उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जाना।
हादसे की जांच के लिए आयोग का गठन
मुख्यमंत्री स्टालिन ने इस गंभीर घटना की जांच के लिए न्यायमूर्ति अरुणा जगदीशन के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय जांच आयोग के गठन की घोषणा की है। साथ ही, राज्य सचिवालय में शीर्ष अधिकारियों की बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की गई।
DMK का आरोप — “विजय ने भीड़ जानबूझकर जुटाई, लापरवाही की इंतहा”
रैली के आयोजन को लेकर DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) ने विजय और उनकी पार्टी TVK पर बड़ा हमला बोला है।
DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा:
“यह भीड़ जानबूझकर जुटाई गई थी। तेज़ धूप में लोगों को घंटों इंतज़ार करवाया गया। माता-पिता अपने बच्चों के शवों को देखकर विलाप कर रहे थे — यह दृश्य बेहद विचलित करने वाला है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विजय और उनके आयोजकों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
कैसे हुआ हादसा? चश्मदीदों की जुबानी
करूर के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, रैली स्थल पर दोपहर से ही भीड़ उमड़ने लगी थी। लोग अभिनेता विजय की एक झलक पाने के लिए धूप में घंटों खड़े रहे। शाम करीब 7:30 बजे, जब विजय मंच से बोल रहे थे, तभी कुछ लोगों के बेहोश होकर गिरने की वजह से अफरा-तफरी मच गई और हजारों की भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
विजय ने जैसे ही यह देखा, उन्होंने तुरंत भाषण रोक दिया, लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट — 39 मौतें, 67 घायल
तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव पी. सेंथिल कुमार ने जानकारी दी कि:
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39 लोगों की मौत हो चुकी है — इनमें 17 महिलाएं, 13 पुरुष, 4 लड़के और 5 बच्चियां शामिल हैं।
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30 शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है, जिन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।
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67 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 26 को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दी गई।
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2 मरीजों की हालत गंभीर है।
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एक मरीज को मदुरै मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया है।
FIR दर्ज, TVK नेताओं के खिलाफ केस
करूर नगर पुलिस ने इस हादसे के सिलसिले में TVK नेताओं पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। जिन पर केस दर्ज हुआ है:
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TVK पश्चिम जिला सचिव मथियालगन
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महासचिव आनंद
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संयुक्त सचिव निर्मल कुमार
इन पर BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 109, 110, 125B और 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है:
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धारा 109: हत्या के प्रयास से संबंधित
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धारा 110: गैर इरादतन हत्या के प्रयास से संबंधित
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धारा 125B: लापरवाही से जीवन को खतरे में डालना
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धारा 223: लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा
विजय की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
हादसे के बाद विजय की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर भी घटना के प्रति कोई संवेदना या प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं कि एक उभरते नेता के रूप में यह मौन कितना उचित है।
राजनीति में भीड़ जुटाना साख नहीं, ज़िम्मेदारी का मामला है
करूर की यह घटना एक चेतावनी है कि राजनीति में भीड़ जुटाना जितना आसान लगता है, उतना ही संगीन परिणाम दे सकता है अगर व्यवस्थाओं में चूक हो। 39 निर्दोष लोगों की जान चली गई, और सवाल अब सिर्फ जवाबदेही का है — आयोजकों की, प्रशासन की और उस नेता की जिसकी रैली में यह हुआ।
