वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में भी पास – अब केवल राष्ट्रपति के साइन की दरकार

Manasvi Chaudhary
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नई दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी पेश किया गया वक्फ बोर्ड संशोधन बिल-2025 पारित हो गया है। यह बिल अब केवल राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की दरकार है, ताकि इसे कानून के रूप में लागू किया जा सके।

राज्यसभा में बिल पर चर्चा लगातार 12 घंटे तक चली, और अंत में आधी रात के बाद मतदान हुआ। इस मतदान में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल-2025 के पक्ष में 128 वोट पड़े, जबकि विरोध में 95 वोट आए। दिलचस्प बात यह है कि बिल के पक्ष में जिन 128 वोटों में समर्थन मिला, वह उम्मीद से 6 सदस्य ज्यादा थे।

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अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से बनेगा कानून

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी यह बिल बहुमत के साथ पास हुआ, और अब इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह बिल एक प्रभावी कानून के रूप में लागू हो जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे एक बड़ा सुधार बताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विधेयक के राज्यसभा में पास होने को एक ऐतिहासिक सुधार बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शुक्रवार सुबह इस बिल के महत्व को बताते हुए लिखा कि यह नया कानून ट्रांसपेरेंसी को बढ़ावा देगा और गरीब पसमांदा मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा करेगा।

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वक्फ संशोधन बिल-2025 का उद्देश्य

वक्फ संशोधन बिल-2025 का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाना और उनकी उचित देखरेख सुनिश्चित करना है। इस बिल के जरिए वक्फ बोर्डों को बेहतर तरीके से संचालित करने की कोशिश की जाएगी, जिससे गरीब और पसमांदा मुसलमानों को उनके अधिकार मिल सकें और वक्फ संपत्तियों का सही इस्तेमाल हो सके।

यह बिल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार के लिए कई नए प्रावधान लाता है, जिससे इन संपत्तियों का इस्तेमाल समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्गों के लाभ के लिए किया जा सके।

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