12 हजार सैलरी, लोन पर ली थी स्कूटी और सिर पर घर का खर्च

Dharmender Singh Malik
3 Min Read

नई दिल्ली। दिल्ली के कंझावला सड़क हादसे में युवती की मौत से उसका पूरा परिवार सदमे में है। युवती के मां के आंखों के आंसू रूकने का नाम ही नहीं ले रहे। उन्हें भरोसा नहीं हो पा रहा कि अब उनकी बेटी इस दुनिया में नहीं है। मां को आशंका है कि उसकी बेटी के साथ कार सवार पांचों आरोपियों ने अत्याचार किया।

हालांकि युवती के शव की ऑटोप्सी रिपोर्ट में पता चला है कि उसके साथ रेप की घटना को अंजाम नहीं दिया गया। साथ ही उसके प्राइवेट पार्ट में भी कोई चोट के निशान नहीं हैं। बताया जाता है कि युवती घर की एकमात्र कमाऊ सदस्य थी। उसी के कंधे पर घर का पूरा बोझ था। उसने आठ नौ साल पहले अपने पिता को खो दिया था। मां को किडनी की बीमारी है। घर की खराब आर्थिक हालात को देखते हुए वह नौकरी करने लगी थी।

See also  श्री राम जन्मभूमि मंदिर में नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पुरानी मूर्ति का क्या होगा?

मां ने बताया कि उसने शुरुआत में एक सैलून में भी नौकरी की। लेकिन बाद में उसने दूसरी नौकरी पकड़ ली जहां इवेंट और शादी समारोह में स्वागत के काम के लिए 12000 रुपये महीने के मिलते थे। पीड़िता की मां के अनुसार वह मूलरूप से फिरोजाबाद के रहने वाले हैं। दिल्ली में वह अमन विहार में रहते थे। पिता की मौत के बाद वह ही घर का पूरा खर्च उठा रही थी। स्कूटी भी उसने लोन पर ही ली थी। वह इसी स्कूटी से काम पर जाती थी।

बता दें कि बीते शनिवार रात 3 बजे दिल्ली के सुल्तानपुरी-कंझावला इलाके की सड़क पर कार सवार 5 लड़कों ने लड़की को अपनी कार से 13 किमी तक घसीटा था। इसके बाद लड़की की मौत हो गई थी। बता दें कि लड़की एक होटल से बर्थ डे पार्टी मना घर वापस लौट रही थी। वहीं इस मामले में दिल्ली की स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि सुल्तानपुरी की घटना में एक नया तथ्य सामने आया है जिसके अनुसार घटना के वक्त मृतका के साथ एक और लड़की थी। लड़की पूछताछ में पुलिस का सहयोग कर रही है। उसका बयान लिया जा रहा है। वहीं इस मामले में पुलिस ने होटल के मैनेजर से भी पूछताछ की है।

See also  जिस्मफरोशी के अड्डे पर पुलिस का छापा, 5 लड़कियां गिरफ्तार

होटल मैनेजर के मुताबिक उस दिन दोनों लड़कियां किसी बात को लेकर बहस कर रही थीं। उसने दोनों से लड़ाई नहीं करने की गुजारिश की थी। लेकिन वह नहीं मानीं और वो होटल से नीचे जाकर फिर लड़ने लगीं। जब वो लड़ रही थीं तो आस-पड़ोस वालों ने भी उन्हें रोका था। इसके बाद वो स्कूटी पर बैठकर चली गईं।

See also  ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष चुने गए राजवीर सिंह चाहर
Share This Article
Editor in Chief of Agra Bharat Hindi Dainik Newspaper
Leave a comment

Leave a Reply

error: AGRABHARAT.COM Copywrite Content.