फरीदाबाद : नूंह उपद्रव के आरोपित बिट्टू बजरंगी के छोटे भाई महेश की सोमवार देर शाम दिल्ली एम्स में मौत हो गई। महेश को 13 दिसंबर की आधी रात के बाद कुछ युवकों ने आग लगा दी थी। इससे वह काफी जल गया था और तब से ही अस्पताल में उपचाराधीन था।
घटना के अगले दिन सारन थाना पुलिस ने आरोपित अरमान सहित अन्य उसके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
महेश ने हमलावर अरमान को पहचानने का दावा किया था। अरमान पहले सब्जी मंडी में ही जूस की रेहड़ी लगाता था।
पुलिस ने कहा कि महेश की मौत से मामला फिर तूल पकड़ेगा। हालांकि, एसीपी क्राइम अमन यादव ने कहा कि उनके पास अभी महेश की मौत के बारे में कोई सूचना नहीं आई है। बाकी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
- महेश की मौत से नूंह उपद्रव के आरोपों को लेकर एक बार फिर विवाद पैदा हो सकता है।
- महेश ने हमलावर अरमान को पहचानने का दावा किया था। अगर अरमान की गिरफ्तारी होती है, तो यह मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है।
- महेश की मौत से यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। इससे पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबाव बढ़ेगा।
क्या है नूंह उपद्रव?
- 25 जुलाई 2023 को हरियाणा के नूंह जिले में एक धार्मिक यात्रा के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में बिट्टू बजरंगी को गिरफ्तार किया गया था।
- इसके बाद 31 जुलाई को नूंह में हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।
- पुलिस ने इस हिंसा में बिट्टू बजरंगी के अलावा कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था।
नूंह उपद्रव के आरोपों को लेकर बिट्टू बजरंगी ने क्या कहा है?
- बिट्टू बजरंगी ने कहा है कि उन्हें नूंह उपद्रव में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि वह हिंसा में शामिल नहीं थे।
- बिट्टू बजरंगी ने कहा है कि वह अपने भाई की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने के लिए लड़ेंगे।
