सावित्री बाई फुले पुस्तकालय भारूखेड़ा में आयोजित 5वीं स्कूली प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम घोषित। सेजल और रेमन रहे प्रथम। आदित्य चौटाला और संदीप सिवाच ने मेधावियों को किया सम्मानित।
सिरसा (डबवाली), वेब डेस्क। शिक्षा और सामाजिक चेतना की अलख जगा रहे सावित्री बाई फुले पुस्तकालय, भारूखेड़ा द्वारा आयोजित पाँचवीं विशाल स्कूली प्रतियोगी परीक्षा का परिणाम समारोह आज अत्यंत गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में न केवल मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाली एक प्रेरणादायक मिसाल भी पेश की गई।
प्रतियोगिता के परिणाम: दो वर्गों में प्रतिभाओं ने गाड़े झंडे

इस प्रतियोगी परीक्षा के दूसरे चरण में कुल 150 विद्यार्थियों (प्रत्येक श्रेणी में 75-75) ने अपनी योग्यता का परिचय दिया। विजेताओं की सूची इस प्रकार है:
कक्षा 6 से 8 वर्ग:
प्रथम स्थान: रेमन (कक्षा 8), सुपुत्री रंजीत, रा.व.मा.वि. अहमदपुर दारेवाला।
द्वितीय स्थान: हर्षिता सुथार (कक्षा 8), सुपुत्री राजेंद्र, शीतल स्कूल चौटाला।
तृतीय स्थान: यचिका (कक्षा 8), सुपुत्री सतपाल, आरोही मॉडल स्कूल कालुआना।
(टॉप-10 और टॉप-12 में मनेश, पल्लवी, राधेश्याम, कमलदीप और राहुल जैसे प्रतिभावान छात्रों का चयन हुआ।)
कक्षा 9 से 12 वर्ग:
प्रथम स्थान: सेजल (कक्षा 9), सुपुत्री सतीश कुमार, आरोही मॉडल स्कूल कालुआना।
द्वितीय स्थान: अर्पिता (कक्षा 12), सुपुत्री भानी राम, रा.क.व.मा.वि. चौटाला।
तृतीय स्थान: शिवांगी सरदाना (कक्षा 11), सुपुत्री चरण दास, पीएम श्री रा.व.मा.वि. बिज्जुवाली।
(इस वर्ग में तमन्ना, मनीष, अरुण, प्रतिभा और ज्योति जैसे छात्रों ने शीर्ष स्थानों में जगह बनाई।)
मुख्य अतिथियों का उद्बोधन: शिक्षा ही बदलाव की नींव

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे सेवानिवृत्त IAS श्री अशोक गर्ग ने विद्यार्थियों को पुस्तकालयों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “पाठ्यक्रम के साथ-साथ साहित्य पढ़ना व्यक्तित्व निर्माण के लिए आवश्यक है।” डबवाली विधायक श्री आदित्य चौटाला ने पुस्तकालय समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा ही सामाजिक बदलाव का सबसे मजबूत मंच है। वहीं, ‘रोज़गार विद संदीप सिवाच’ के संस्थापक श्री संदीप सिवाच ने मोटिवेशन पर जोर देते हुए कहा कि घर की कठिन परिस्थितियाँ ही सफलता का सबसे बड़ा प्रेरक (Motivation) होती हैं।
पुस्तकालय से निकले सफल विद्यार्थियों ने पेश की मिसाल

कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह था जब इसी पुस्तकालय में पढ़कर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले पुराने विद्यार्थियों— संजना, मंजू और रमन ने अपनी पहली सैलरी में से ₹21,000 – ₹21,000 की राशि पुस्तकालय को दान स्वरूप भेंट की। अतिथियों ने इस भावना की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
पुस्तक “जहर जो हमने पीया” का विमोचन

समारोह के दौरान श्री अशोक गर्ग एवं साथियों द्वारा संपादित पुस्तक “जहर जो हमने पीया” का विमोचन किया गया। यह पुस्तक महिला सफाई कर्मचारियों के संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित है।
