घिरोर में पुराना चेहरा आया पसंद या खिलेगा कमल
घिरोर,
बीती 4 मई को नगर निकाय चुनाव में जनता ने अपना फैसला सुना दिया है। सभी प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटिकाओं में कैद है। चुनाव के बाद से तरह-तरह की अटकलें लगना चालू हो गई है। सभी प्रत्याशियों के समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। नगर पंचायत घिरोर में इस बार यह चुनाव भी बड़ा दिलचस्प रहा है । काफी समय बाद मामला त्रिकोणीय नजर आया है । त्रिकोणीय मामला तीनों बड़ी पार्टियों से संबंधित है। भाजपा से समाजसेवी यतेंद्र कुमार जैन को प्रत्याशी बनाने के बाद से उनके समर्थकों में भारी उत्साह था पार्टी के द्वारा चलाई जा रहे लगातार कैंपेन और सभी समाज के एक साथ आने और मोदी – योगी सरकार के विकास कार्यों को लेकर भाजपा को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है । भाजपा समर्थक उपेंद्र शर्मा का कहना है कि यतेंद्र कुमार जैन को उनके द्वारा समाज में किए गए सेवा कार्य के बदले जनता ने वोटों से उनकी झोली भर दी है और भाजपा प्रत्याशी की ऐतिहासिक जीत होगी।
वहीं बसपा के समर्थकों को भी हाथी की मदमस्त चाल से आगे निकल जाने की पूरी आशाएं लग रहीं हैं। यहां से मोहम्मद असलम को बसपा ने अपना प्रत्याशी बनाया था और पूर्व में उनकी पत्नी नगर पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं और साथ ही मुस्लिम – जाटव गठजोड़ के कारण बसपा समर्थकों में भारी उत्साह दिखाई दे रहा है।
सपा प्रत्याशी अनिल गुप्ता को भी अपने साइकिल के परंपरागत वोट से काफी अपेक्षाएं हैं और अपने पूर्व कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों को सामने रखकर वोट मांगे हैं जिससे उनके समर्थकों में भारी उत्साह नजर आ रहा है।
वही जनता की अगर बात करें तो वह अभी स्पष्ट रूप से कुछ भी बोल नहीं रही है । सभी का कहना है कि भैया 13 तारीख को पता लग जाएगा कौन चेयरमैन बन रहा है ।