हाथरस: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेला के लिए हाथरस डिपो से कुल 64 बसों को रवाना करने का आदेश प्राप्त हुआ था। मंगलवार को इस सिलसिले में पहले चरण में 20 बसों को आगरा होते हुए प्रयागराज के लिए भेजा गया। हालांकि, इन बसों में सवारियों की भारी कमी रही, जिसके कारण बसें खाली रवाना हुईं। इसके चलते दिल्ली, आगरा, मथुरा और अलीगढ़ जैसे प्रमुख राजमार्गों पर यात्री घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे, और बाद में खचाखच भरी बसों में यात्रा करने में उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
सवारियों की कमी के कारण बसों की धीमी रवानगी
प्रयागराज महाकुंभ के लिए हाथरस डिपो से बसों की संख्या बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद, सवारियों की कमी के कारण बसों को बीच-बीच में आधे घंटे के अंतराल पर रवाना किया गया। हाथरस डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, इरफान अहमद ने बताया कि सवारियों की कमी के कारण उन्हें बसों को रवाना करने में थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “जो भी सवारियां मिल रही हैं, उन्हें लेकर बसों को भेजा जा रहा है। बसों की रवानगी का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहेगा।”
प्रमुख राजमार्गों पर यात्रियों की बढ़ती परेशानी
हाथरस डिपो से रवाना होने वाली बसों की धीमी रवानगी ने दिल्ली, आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और बरेली जैसे प्रमुख मार्गों पर यात्री यातायात को प्रभावित किया। इन मार्गों पर यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा। खासकर सहालग के दौरान यात्रियों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी के कारण पहले से भरी हुई बसों में चढ़ने में यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यात्री खचाखच भरी बसों में यात्रा करने को मजबूर हो गए, जिससे उनकी यात्रा अधिक असुविधाजनक और थकाऊ हो गई।
महाकुंभ के लिए बसों की संख्या में वृद्धि की जरूरत
महाकुंभ मेला अगले एक महीने तक जारी रहेगा और इस दौरान बसों की रवानगी का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि, अगर सवारियों की संख्या में वृद्धि होती है, तो यात्रियों को बसों में चढ़ने में और भी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे में अधिकारियों को बसों की संख्या बढ़ाने और यात्री व्यवस्था में सुधार करने की आवश्यकता होगी। खासकर उन यात्रियों के लिए यह समस्या गंभीर हो सकती है, जो देर से पहुंचने के कारण पहले से भरी हुई बसों में यात्रा करने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
कुंभ मेला के दौरान परिवहन व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता
कुंभ मेला एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें देशभर से लाखों लोग शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखना आवश्यक है। महाकुंभ मेला के दौरान यात्री सुविधा और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को समय रहते उचित कदम उठाने होंगे। अगर बसों की संख्या में वृद्धि की जाती है और सवारियों की कमी को ध्यान में रखते हुए बसों का संचालन बेहतर तरीके से किया जाता है, तो यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।