आगरा: विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने एक संवेदनशील मामले में, एक अवयस्क (नाबालिग) बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की कठोर कैद और ₹30,000 के अर्थदंड (जुर्माना) की सज़ा सुनाई है।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला आगरा के थाना एत्माद्दोला क्षेत्र का है। वादी (शिकायतकर्ता) ने थाने में दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया था कि 20 नवंबर 2020 को आरोपी राजू पुत्र गंगाराम (निवासी शंभु नगर, थाना एत्माद्दोला, जिला आगरा) उनकी अवयस्क पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोपी ने वादी की पुत्री के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया था।
वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और 22 नवंबर 2020 को आरोपी राजू को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई सज़ा
इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) शिव कुमार की अदालत में हुई। अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध सभी सबूतों और विशेष लोक अभियोजक माधव शर्मा के तर्कों पर विचार किया।
सभी पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, अदालत ने आरोपी राजू को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश शिव कुमार ने आरोपी राजू को 20 वर्ष के कठोर कारावास (कारावास) की सज़ा सुनाई। इसके अतिरिक्त, आरोपी पर ₹30,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है।
