आगरा में टीएफआई (TFI) के बैनर तले बेसिक शिक्षकों ने पैदल मार्च निकाल कर 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (TET) से मुक्ति दिलाने के लिए पीएम को ज्ञापन भेजा।
Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी है। वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों ने शिक्षक संघ (TFI) के बैनर तले कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और टीईटी (TET) की अनिवार्यता से स्थायी छूट देने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि वे दशकों से सेवा दे रहे हैं, ऐसे में उन पर नए नियम थोपना अनुचित है।
TFI के बैनर तले एकजुट हुए शिक्षक संघ

शुक्रवार को आगरा के जिलाधिकारी कार्यालय पर भारी संख्या में शिक्षक एकत्र हुए। टीएफआई (Teacher Federation of India) के नेतृत्व में आयोजित इस धरने में प्राथमिक शिक्षक संघ आगरा, जूनियर शिक्षक संघ और महिला शिक्षक संघ के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। पैदल मार्च के बाद शिक्षकों ने देश के प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि तहसीलदार सदर को सौंपा।
क्या हैं शिक्षकों की मुख्य मांगें?
शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार को अविलंब अध्यादेश लाकर पुराने शिक्षकों को राहत देनी चाहिए। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
RTE एक्ट का हवाला: उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009, 27 जुलाई 2011 से प्रभावी हुआ था। नियमतः इसके बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए ही टीईटी अनिवार्य होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का संदर्भ: शिक्षकों ने 01 सितंबर 2025 के उच्चतम न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए मांग की कि देशभर में 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से पूर्णतः छूट दी जाए।
कानून बनाने की मांग: ज्ञापन में अनुरोध किया गया है कि केंद्र सरकार संसद में कानून पारित कर पूर्व नियुक्त शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करे।
इन दिग्गज शिक्षक नेताओं ने संभाली कमान

ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला संयोजक चौधरी सुरजीत सिंह, महिला जिलाध्यक्ष गीता राठौर, हरिओम यादव, और जूनियर शिक्षक संघ के पदाधिकारी शामिल रहे।
नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा, “हम वर्षों से बेसिक शिक्षा की नींव मजबूत कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अध्यादेश लाकर हमें इस मानसिक दबाव से मुक्त करे।”
प्रदर्शन में मौजूद रहे ये प्रमुख चेहरे
इस विशाल पैदल मार्च और धरने में अनीता सिंह, मोहन सिंह चाहर, ललित कुमार, बृजेश शुक्ला, केके इंदौलिया, सुखवीर चाहर, डॉ सोनवीर सिंह, लक्ष्मण सिंह, मंजीत चाहर, जितेन्द्र चौधरी, अभय चौधरी, परमवीर सिंह, अमृतपाल, नरेश चौधरी, अनंगपाल तोमर, प्रदीप यादव, दिगम्बर सिंह, पुनीत अरोड़ा, वीरेन्द्र सोलंकी, डॉ योगेश चाहर, अजीत नौहवार, सुनील रावत, अशोक शर्मा, राशिद अहमद, लोकेन्द्र शर्मा, प्रशान्त राजपूत, डॉ जगपाल चौधरी, बलवीर सिंह, ऊषा चाहर, रानू बहादुर, रजनी सिकरवार, नीतू, स्वाति, शालिनी, शिवानी तिवारी, मनोरमा यादव, प्रतिभा यादव, उमा राजपूत, कमलेश चौधरी, मधुबाला सिंह, रानी सिंह, अमित गर्ग, आलोक दुबे और बिंदु यादव सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।
