दस हजार की रिश्वत न देने पर दिखाई पुलिसगिरी, बोर्ड परीक्षा कैसे देगा छात्र? हाथ में सूजन और तेज दर्द
अग्र भारत संवाददाता
आगरा। आगरा पुलिस कमिश्नरेट की किरावली पुलिस एक बार फिर पुलिसिया बर्बरता के आरोपों से घिर गई है। थाना किरावली क्षेत्र की मिड़ाकुर चौकी में तैनात दारोगा द्वारा 16 वर्षीय हाईस्कूल छात्र को पट्टे और डंडे से बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। पिटाई में छात्र का दाहिना हाथ फ्रैक्चर हो गया, जिससे वह सोमवार को होने वाली यूपी बोर्ड की परीक्षा देने में असमर्थ हो सकता है।
घटना गांव नानपुर की है। बताया गया है कि 18 फरवरी को छात्र के दिव्यांग छोटे भाई का गांव के ही एक किशोर से विवाद हो गया था। भाई को बचाने पहुंचे छात्र के साथ भी मारपीट हुई, हालांकि बाद में मामला शांत हो गया। आरोप है कि शुक्रवार को मिड़ाकुर चौकी के दारोगा अनुराग भाटिया ने छात्र और दूसरे किशोर को पूछताछ के लिए चौकी पर बुलाया। परिजनों को आश्वासन दिया गया कि एक-दो घंटे में छोड़ दिया जाएगा।परिजनों का आरोप है कि चौकी से छोड़ने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। रकम न देने पर छात्र को अपराधी की तरह पट्टे और डंडों से पीटा गया। हाथ में गंभीर चोट और सूजन आने पर पुलिसकर्मी घबरा गए और छात्र को घर भेज दिया। जिला अस्पताल में कराए गए एक्सरे में दाहिने हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। छात्र के हाथ में सूजन और तेज दर्द है, ऐसे में बोर्ड परीक्षा देना उसके लिए संभव नहीं दिख रहा।शनिवार को मामला इंटरनेट मीडिया के माध्यम से पुलिस आयुक्त दीपक कुमार तक पहुंचा। उनके निर्देश पर एसीपी अछनेरा शैलेंद्र कुमार ने जांच की। प्रारंभिक जांच में मारपीट की पुष्टि होने पर दोनों दारोगाओं को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
पहले भी सामने आ चुके हैं थर्ड डिग्री के मामले,किरावली थाने में कुछ माह पूर्व युवक को उल्टा लटकाकर थर्ड डिग्री देने और दोनों पैर तोड़ने का आरोप लगा था। करहारा गांव निवासी राजू पंडित को पूछताछ के नाम पर थाने बुलाया गया था, जहां कथित रूप से बेरहमी से पीटा गया। परिजनों का कहना है कि अब तक इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।इसी तरह सैया क्षेत्र के दूध विक्रेता नरेंद्र कुशवाह को जीवनी मंडी चौकी तक टेंपो न ले जाने पर हिरासत में लेकर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगा। शाहगंज थाने में जेसीबी मालिक को 12 घंटे अवैध हिरासत में रखकर 25 हजार रुपये वसूलने की शिकायत भी सामने आई। पीड़ित रईस खां ने डीसीपी सिटी से इसकी शिकायत की थी। एत्मादपुर थाने में भी 85 वर्षीय वृद्ध को छह घंटे अवैध हिरासत में रखकर मारपीट करने का मामला सामने आया था।लगातार सामने आ रहे इन मामलों से कमिश्नरेट पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
“पुलिस को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं”कानून के जानकारों का कहना है कि पुलिस को कानून हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं है। कुछ पुलिसकर्मियों के आवेशपूर्ण और अमानवीय व्यवहार से पूरे विभाग की छवि धूमिल होती है। ऐसे मामलों में सख्त और पारदर्शी कार्रवाई जरूरी है, ताकि आमजन का विश्वास बना रहे।फिलहाल छात्र के परिवार में चिंता का माहौल है। यदि वह बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाया तो उसके भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया
आगरा कमिश्नरेट की किरावली पुलिस की फिर बर्बरता, हाईस्कूल छात्र का हाथ तोड़ा; दो दारोगा निलंबित
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