वकीलों के बीच मारपीट की घटना के बाद सुरक्षा समिति का बड़ा फैसला
आगरा, उत्तर प्रदेश: जनपद न्यायालय परिसर, आगरा की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। न्यायालय परिसर में 17 नवंबर 2025 को अधिवक्तागण के बीच हुई मारपीट की घटना को गंभीरता से लेते हुए, माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय के निर्देश पर गठित सुरक्षा समिति ने कड़े नियम लागू करने का निर्णय लिया है।
21 नवंबर से लागू होंगे नए सुरक्षा नियम
जनपद न्यायालय के प्रभारी अधिकारी सुरक्षा की ओर से जारी सूचना के अनुसार, सुरक्षा समिति की एक आवश्यक बैठक दिनांक 20 नवंबर 2025 को अपरान्ह 1:30 बजे संपन्न हुई। इस बैठक में माननीय उच्च न्यायालय के परिपत्र और जनपद न्यायाधीश के आदेश संख्या 247/2025 के अनुपालन में निम्नलिखित कड़े सुरक्षा निर्देश जारी किए गए:
सघन तलाशी अनिवार्य: दिनांक 21.11.2025 से न्यायालय परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पुलिस द्वारा गहनता से जाँच की जाएगी।
ID कार्ड अनिवार्य: परिसर में प्रवेश के लिए अब पहचान पत्र (ID Card) दिखाना अनिवार्य होगा। बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति (अधिवक्ता, वादकारी, या अन्य) को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
हथियार प्रतिबंधित: यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति आग्नेयास्त्र (Firearms) या किसी भी तरह का अन्य हथियार लेकर न्यायालय परिसर में प्रवेश न कर सके।
बार एसोसिएशन और सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश
इस आदेश की प्रतिलिपि जनपद आगरा के समस्त बार एसोसियेशन को प्रेषित की गई है, ताकि अधिवक्तागण और वादकारी इन नए नियमों का पालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, प्रभारी यू.पी.एस.एस.एफ. (UPSSF) और थाना प्रभारी न्यू आगरा को भी इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
न्यायालय परिसर में हुई हिंसक घटनाओं के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य न्यायिक कार्यों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण में सम्पन्न करना है।
