अग्र भारत संवाददाता
आगरा। राज्य कर विभाग की मोबाइल यूनिट-10 में तैनात सहायक आयुक्त डॉ. निवेदिता सिंह को धमकी, ब्लैकमेलिंग और सरकारी कार्य में अवैध हस्तक्षेप किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना प्रकाश में आने के बाद विभागीय और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पीड़ित अधिकारी की तहरीर पर थाना शाहगंज पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपियों में अजगर अली निवासी मेवाती गली, सी ओ डी, कॉलोनी भोजीपुरा, रवि मोहन उर्फ डब्बू; तथा छोटू पुत्र अजगर अली, जो शाहगंज क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर बताया जाता है, सहित अन्य अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। आरोप है कि ये लोग डॉ. निवेदिता सिंह को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे, अश्लील व अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे और उन पर 50 लाख रुपये की अवैध मांग (ब्लैकमेलिंग) का दबाव बना रहे थे।तहरीर के अनुसार आरोपियों ने विभाग में झूठी शिकायत दाखिल कर उसी शिकायत को वापस कराने के नाम पर धन उगाही की कोशिश की। साथ ही, इनका अज़मन ट्रांसपोर्ट नामक फर्म से घनिष्ठ संबंध होने का भी उल्लेख किया गया है। पूर्व में कर चोरी में पकड़े गए वाहन के मामले में विभागीय कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए भी लगातार दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। आरोपियों ने चेतावनी दी थी कि यदि भविष्य में उक्त फर्म के वाहनों की जांच या कोई वैधानिक कार्रवाई की गई, तो वे अधिकारी को आगरा में नौकरी नहीं करने देंगे।लगातार मिल रही धमकियों से सहायक आयुक्त और उनके परिवार की जान-माल की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। अधिकारी ने अपनी शिकायत में सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने की मांग भी की है।पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल्स और उनके आपराधिक इतिहास की गहन जांच की जा रही है। शाहगंज क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर छोटू सहित सभी नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और विभागीय सतर्कता बढ़ा दी गई है।
