आगरा पुलिस कमिश्नरेट की ‘शिष्टाचार मुहिम’ को झटका, फतेहपुर सीकरी थाने के दरोगा पर अभद्रता के गंभीर आरोप
अग्र भारत संवाददाता
आगरा। पुलिस–जन रिश्तों में शिष्टाचार और संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए आगरा पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलायी जा रही मुहिम को फतेहपुर सीकरी थाने के एक दरोगा की कथित अभद्रता ने सवालों के घेरे में ला दिया है। शनिवार को छेड़छाड़ पीड़िता अपने पति के साथ डीसीपी पश्चिमी कार्यालय पहुंची और दरोगा पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई।
दंपति के अनुसार, शिकायत लेकर थाने पहुंचने पर दरोगा ने न सिर्फ पति अजीत सिंह को थप्पड़ मार दिया, बल्कि घूंघट हटवाकर पीड़िता के प्रति बेहद शर्मनाक टिप्पणी करते हुए कहा— “तुम छेड़ने लायक हो।” पीड़िता का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में देखी जा सकती हैं।अजीत सिंह ने बताया कि 28 नवंबर को वे पत्नी को दवा दिलाने जा रहे थे, तभी बोहरा नगला और मलिक गांव के बीच छह लोगों ने उनकी पत्नी से छेड़छाड़ कर मारपीट की। घटना की सूचना 1090 और 112 नंबर पर देने के बाद वे थाने पहुंचे, लेकिन आरोप है कि वहां न तो एफआईआर दर्ज की गई, न ही पत्नी की चोटों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। उल्टा दरोगा ने उन्हें धमकाते हुए कहा— “मर जाता तो अच्छा था।”दंपति ने यह भी आरोप लगाया कि छेड़छाड़ के मामले में नामजद आरोपी प्रभावशाली हैं और थाने में उनका दबदबा होने के कारण उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। दंपति ने डीसीपी पश्चिमी से अनुरोध किया है कि आरोपियों पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए, संबंधित दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए।फतेहपुर सीकरी थाने से जुड़े इस मामले ने पुलिस कमिश्नरेट की ‘शिष्टाचार एवं संवेदनशीलता’ अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
