पीतम शर्मा,अग्र भारत संवाददाता
ग्राम प्रधान के पत्र से खुला राज, बेटी का जन्म गांव में हुआ, बताया जा रहा बिहार का
AgraNews, आगरा। थाना सिकंदरा क्षेत्र के गांव खड़वाई में वीडियो बनाकर मजदूर द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर परिजन नाराज़ हैं। परिजनों ने पुलिस पर पंचायत सचिव को बचाने का आरोप लगाया है। मृतक का भाई सुबह से शाम तक थाने-चौकी के चक्कर लगाता रहा, लेकिन अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।थाना पुलिस सचिव पर मेहरबान है,तहरीर के बाद भी अभियोग दर्ज नहीं हुआ है।
परिजनों का कहना है कि मृतक पप्पू पुत्र अली शेर को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। पुलिस ने उसे थाने बुलाने के लिए कई बार फोन किया और सचिव द्वारा दी गई तहरीर पर कार्रवाई का दबाव बनाया।दहशत में आकर आत्म हत्या की है।

इसी बीच आरोप है कि पंचायत सचिव रश्मि राठौर अधिकारियों को गुमराह कर रही हैं। सचिव का कहना है कि बच्ची का जन्म बिहार में हुआ है, जबकि ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार ने अपने लेटर पैड पर लिखकर प्रमाणित किया है कि बच्ची का जन्म 17 अगस्त की सुबह लगभग चार बजे गांव खड़वाई में ही हुआ था। पंचायत सचिव के बयान और ग्राम प्रधान के पत्र में विरोधाभास इस मामले को और गंभीर बना रहा है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले खड़वाई निवासी पप्पू के फोन से सचिव रश्मि राठौर के मोबाइल पर आपत्तिजनक वीडियो भेजा गया था। इस मामले में सचिव ने रुनकता चौकी पर तहरीर दी थी। इसके बाद पुलिस के लगातार फोन और दबाव से भयभीत पप्पू ने पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले पप्पू ने वीडियो बनाकर सचिव पर गलत तरीके से फंसाने का आरोप लगाया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।
मृतक का भाई शाहरुख ने बताया कि शनिवार को उसे थाने बुलाया गया। घंटों बैठाने के बाद यह कहकर वापस भेज दिया गया कि ग्राम प्रधान से बात हो गई है, सोमवार तक कार्रवाई हो जाएगी। इस बीच शनिवार शाम किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह और धीरज सिकरवार मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि यदि सोमवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार को पुलिस आयुक्त आगरा से मिलकर घटना की जानकारी देंगे और पंचायत सचिव के निलंबन की मांग करेंगे।
यह भी उल्लेखनीय है कि पंचायत सचिव रश्मि राठौर पहले भी आरोपों के घेरे में रही हैं। करीब एक साल पहले गांव निवासी बाबू खां अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र और बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए महीनों सचिव और तहसील के चक्कर लगाते रहे। परेशान होकर बाबू खां बच्चों के साथ पेट्रोल की केन लेकर रुनकता चौकी पहुंच गए थे। घटना के अगले दिन ही सचिव ने सभी प्रमाण पत्र बनवाकर उपलब्ध करा दिए थे।
फिलहाल मृतक का परिवार न्याय के लिए भटक रहा है और पुलिस पर कार्रवाई टालने के आरोप लगा रहा है।
