आगरा। डीसीपी सिटी कार्यालय में एक सिपाही की ‘मदद की पेशकश’ उलटी पड़ गई। महिला सिपाही से बातचीत शुरू करने वाले सिपाही ने ट्रांसफर में सहायता का भरोसा दिलाया, फिर सुविधा शुल्क की बात की और मना करने पर रात में आपत्तिजनक मैसेज भेज दिए। मामला पुलिस आयुक्त दीपक कुमार तक पहुंचा तो सिपाही की खैर नहीं रही। उसे चेतावनी देकर नगर जोन से पूर्वी जोन में ट्रांसफर कर दिया गया।
मामला कुछ यूं है कि एक सप्ताह पहले महिला सिपाही अपने तबादले से जुड़ा पत्र लेकर डीसीपी सिटी कार्यालय पहुंची थी। वहीं उसकी मुलाकात कार्यालय में तैनात सिपाही से हुई। सिपाही ने हंसते हुए पूछा, “किस काम से आई हो?” महिला ने जब ट्रांसफर की बात बताई, तो उसने कहा, “मैं मदद कर दूंगा।” इसी बहाने उसने मोबाइल नंबर ले लिया।आरोप है कि बाद में सिपाही ने मदद के बदले सुविधा शुल्क की मांग की। महिला सिपाही के मना करने पर उसी रात उसने मैसेज भेज दिए, जिनकी भाषा बेहद आपत्तिजनक बताई जा रही है।महिला सिपाही ने तत्काल पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को पूरे मामले की जानकारी दी। आयुक्त ने डीसीपी सिटी और संबंधित सिपाही को बुलाकर पूछताछ की। इसके बाद सिपाही को हिदायत दी गई और उसका ट्रांसफर कर दिया गया।हालांकि, इस मामले में निलंबन या लाइन हाजिर जैसी सख्त कार्रवाई न होने पर पुलिस दफ्तर में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कई कर्मियों का कहना है कि “अगर मामला उल्टा होता, तो कार्रवाई और कठोर होती।”अब देखना यह है कि यह प्रकरण सिपाही के तबादले पर थमता है या आगे और सख्त कदम उठाए जाते हैं।
