झांसी, उत्तर प्रदेश: त्योहारों के मद्देनजर झांसी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया हुआ है। जिलाधिकारी श्री मृदुल चौधरी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (Food Safety and Drug Administration – FSDA) की टीम लगातार विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने ले रही है। जांच में कई बड़े नामी प्रतिष्ठानों के सैंपल फेल हो गए हैं, जिसके बाद उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
इन प्रतिष्ठानों पर गिरी गाज
सहायक आयुक्त खाद्य/अभिहित अधिकारी, श्री पवन कुमार ने इस अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि आम जनता को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने हालिया जांचों के चौंकाने वाले परिणाम साझा किए:
* वंदना स्वीट्स, इलाइट चौराहा: इस मशहूर मिठाई की दुकान से लिए गए खोया और छेना अंगूरदाना के नमूने सरकारी लैब की जांच में ‘असुरक्षित’ पाए गए। इसके अलावा, केसर बर्फी का सैंपल भी ‘अधोमानक’ निकला। इन मामलों में क्रमशः एसीजेएम कोर्ट और एओ/एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
* होटल रेजेंटा रेस्टोरेंट, ग्वालियर रोड: यहां से लिए गए पनीर, ग्रेवी और खोया के सभी नमूने लैब जांच में ‘असुरक्षित’ पाए गए। इसके खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
* अवध बिरयानी, सदर बाजार: यहां से लिए गए लाल मिर्ची पाउडर का सैंपल भी जांच में ‘असुरक्षित’ पाया गया, जिसके बाद एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज होगा।
* प्रभुनाथ स्टोर, नंदनपुरा: इस दुकान की रंगीन कचरी का सैंपल भी ‘असुरक्षित’ पाया गया, जिस पर एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज होगा।
* होटल चूल्हेवाला, पाल कॉलोनी: यहां का पनीर सैंपल लैब जांच में ‘अधोमानक’ पाया गया है।
* अन्य प्रतिष्ठान: अभिमन्यु दूध डेयरी, किसान दूध डेरी, शर्मा किराना स्टोर, पवन किराना स्टोर, और साहू खोया भंडार से लिए गए दूध, बेसन और खोया के नमूने भी ‘अधोमानक’ पाए गए। इन सभी के खिलाफ एओ/एडीएम कोर्ट में मुकदमे दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
जागरूकता अभियान भी जारी
प्रशासन सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता पर भी जोर दे रहा है। “जागरूकता अभियान एवं एफडीए आपके द्वार” पहल के तहत, ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ मोबाइल प्रयोगशाला जगह-जगह जाकर उपभोक्ताओं के खाद्य पदार्थों की मौके पर ही जांच कर रही है और उन्हें सुरक्षित खाने के बारे में जानकारी दे रही है। इसका मकसद आम लोगों को जागरूक कर मिलावट के खतरों से बचाना है।
जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों पर चल रही यह कार्रवाई दिखाती है कि प्रशासन किसी भी कीमत पर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा। आने वाले त्योहारों के दौरान यह अभियान और भी तेज होने की संभावना है।
