समाजवादी पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल का समर्थन किया, कांग्रेस से रिश्तों में और बढ़ेगी दरार
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस साल के अंत में बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का समर्थन करने का ऐलान किया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस फैसले से कांग्रेस को जोर का झटका दिया है। इस फैसले के बाद, अब यह माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संबंधों में और भी ज्यादा दरार आएगी।
अखिलेश यादव ने पार्टी के नेताओं को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में सपा, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल का समर्थन करेगी। इस फैसले ने न केवल बिहार बल्कि उत्तर प्रदेश में भी राजनीति के समीकरणों को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
कांग्रेस और सपा के रिश्तों में बढ़ेगी दरार
समाजवादी पार्टी का यह कदम कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है, क्योंकि कांग्रेस पहले ही बिहार में अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटी हुई है। कांग्रेस पार्टी अपने चुनावी मैदान में अकेले उतरने का दावा कर रही है, और ऐसे में समाजवादी पार्टी द्वारा राष्ट्रीय जनता दल का समर्थन करने से कांग्रेस को बिहार में एक कड़ा प्रतिद्वंदी मिल जाएगा।
सपा के इस कदम से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच रिश्तों में और गहरी खाई पैदा होने की संभावना जताई जा रही है। विशेष रूप से, उत्तर प्रदेश में दोनों दलों के बीच चल रहे गठबंधन पर अब सवाल उठने लगे हैं। जब समाजवादी पार्टी ने पहले दिल्ली में और अब बिहार में कांग्रेस का साथ छोड़कर दूसरे दलों के साथ समझौता किया है, तो यह संकेत मिल रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में भी सपा-कांग्रेस गठबंधन की भविष्यवाणी मुश्किल हो सकती है।
सपा और राजद का गठबंधन
समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल का गठबंधन कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दोनों दलों का उद्देश्य एक मजबूत विपक्ष खड़ा करना और बिहार में सत्ता प्राप्त करना है। लालू प्रसाद यादव की पार्टी पहले से ही राज्य में सशक्त है और सपा का समर्थन इस गठबंधन को और मजबूत करेगा।
सपा और राजद के बीच यह सहयोग क्षेत्रीय राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है। बिहार के चुनावी समर में इस गठबंधन को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी हलचल मच गई है। अखिलेश यादव ने इस फैसले को लेकर कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा अपनी नीतियों और विचारधारा के हिसाब से सही गठबंधन करती है, और अब बिहार में राजद का समर्थन कर सपा राज्य में एक नया राजनीतिक इतिहास रचेगी।
कांग्रेस और सपा के गठबंधन पर सवाल
समाजवादी पार्टी का बिहार में राजद के साथ समर्थन करने का फैसला कांग्रेस को और भी कमजोर कर सकता है। पहले ही, कांग्रेस पार्टी बिहार में अपने चुनावी अभियान को लेकर आंतरिक मतभेदों का सामना कर रही थी, और अब सपा के इस कदम ने कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि समाजवादी पार्टी के इस फैसले के बाद बिहार में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच की दीवार और भी मजबूत हो सकती है, जिससे उत्तर प्रदेश में भी दोनों दलों के बीच भविष्य में चुनावी गठबंधन की संभावना कमजोर हो सकती है।