एटा। खाद्य पदार्थों में मिलावट का गोरखधंधा चलाने वालों पर अदालत ने कड़ा प्रहार किया है। एसीजेएम और एडीएम कोर्ट ने 13 व्यापारियों को मिलावटखोरी का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई और कुल 3.94 लाख रुपये का जुर्माना ठोका। खाद्य सुरक्षा विभाग की सतर्कता से लिए गए सैंपलों की जांच में मिलावट की पोल खुली, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। मामूली मिलावट के मामले एडीएम कोर्ट में गए, जबकि स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मिलावट के मुकदमे एसीजेएम कोर्ट में दर्ज किए गए। एसीजेएम कोर्ट में तीन मामलों में फैसले आए। भगवान सिंह का मिश्रित दूध मिलावटी पाए जाने पर उन्हें जेल में बिताई अवधि, कोर्ट उठने तक की सजा और 1000 रुपये जुर्माने की सजा दी गई। नवाब सिंह को दूध में मिलावट के लिए 6 महीने की जेल और 3000 रुपये का दंड भुगतना होगा। वहीं, अभिलाख सिंह पर दूध में मिलावट का आरोप साबित न होने पर उन्हें बरी कर दिया गया। दूसरी ओर, एडीएम कोर्ट में दूध, दही, पनीर, धनिया पाउडर, सरसों का तेल, सोनपपड़ी और बूंदी के लड्डुओं से जुड़े 12 मामलों में अप्रैल-मई में सजा सुनाई गई। वेदप्रकाश, मयंक गुप्ता, प्रिंस गुप्ता उर्फ उमंग गुप्त, अरविंद कुमार और वीरपाल पर 50-50 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगा। बबलू, वीरेश, इब्राहिम खान और अशरफ को 25-25 हजार, जबकि शिवम और राहुल कुमार पर 20-20 हजार रुपये का दंड लगाया गया।
