आगरा: थाना क्षेत्र धनौली के लगभग 70 दलित परिवार इन दिनों भय के साये में जी रहे हैं। तहसीलदार सदर द्वारा अचानक भेजे गए बेदखली के नोटिस ने इन परिवारों को गहरी चिंता में डाल दिया है, जो पिछले पांच दशकों से इस क्षेत्र में अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर पीड़ित परिवारों का एक प्रतिनिधिमंडल आज भाजपा नेता उपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी आगरा से मिला और उन्हें अपनी व्यथा सुनाई।
भाजपा नेता उपेन्द्र सिंह ने जिलाधिकारी को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि इन अचानक मिले नोटिसों ने परिवारों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। वर्षों से बसे इन परिवारों के भविष्य पर अनिश्चितता की तलवार लटक रही है। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और इन गरीब परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान, स्थानीय सांसद राजकुमार चाहर ने भी फोन के माध्यम से जिलाधिकारी से बात कर पीड़ितों की सहायता करने का आग्रह किया।
इससे पूर्व, दो दिन पहले इन पीड़ित परिवारों ने उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से भी मुलाकात कर अपनी समस्या साझा की थी। मंत्री असीम अरुण ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन से बात की और इन परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि प्रशासन इस मामले का उचित और मानवीय समाधान निकालने का प्रयास करेगा।
जिलाधिकारी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में लोकेश कुमार (प्रधान प्रतिनिधि), भगवान सिंह, रूप किशोर, मनीष और रमेश जाटव आदि प्रमुख रूप से शामिल थे। अब इन परिवारों को जिलाधिकारी के आश्वासन पर उम्मीद टिकी है कि उन्हें उनके घरों से बेदखल नहीं किया जाएगा और प्रशासन उनकी समस्या का सहानुभूतिपूर्वक समाधान निकालेगा।
