
– भाई दूज पर रोडवेज की परीक्षा, भीड़ के आगे बेबस हुआ इंतज़ाम
– ईदगाह और आईएसबीटी पर यात्रियों का सैलाब, कई महिलाएं घंटों करती रहीं इंतज़ार
– त्योहार ने बढ़ाई रफ्तार, आगरा रोडवेज की कमाई में एक करोड़ से ज्यादा इज़ाफा
– अतिरिक्त बसें भी पड़ी कम, यात्रियों की भीड़ ने तोड़ी सभी तैयारियां
आगरा। पांच दिवसीय दीपोत्सव के अंतिम दिन भाई दूज के मौके पर उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों में यात्रियों की ऐसी भीड़ उमड़ी कि अतिरिक्त बसों की व्यवस्था और बढ़ाए गए फेरे भी नाकाफी पड़ गए। आगरा के दोनों प्रमुख बस अड्डों – ईदगाह और आईएसबीटी – पर सुबह से रात तक यात्रियों का जनसैलाब उमड़ता रहा। कई महिलाएं अपने बच्चों संग घंटों बसों का इंतजार करती दिखाई दीं।
त्योहार पर लोगों की भारी आवाजाही को देखते हुए परिवहन विभाग ने विशेष तैयारी की थी। लेकिन अत्यधिक भीड़ ने सभी इंतज़ामों की परीक्षा ले ली। जयपुर, दिल्ली, धौलपुर, भरतपुर, मैनपुरी, इटावा, हाथरस, अलीगढ़ और फिरोजाबाद के लिए बसें फुल रहीं। यात्रियों की संख्या इतनी अधिक रही कि कई बार बसें अपने निर्धारित समय से देरी से रवाना होती दिखीं।
क्षेत्रीय प्रबंधक बी.पी. अग्रवाल खुद एआरएम, सेवा प्रबंधक और अन्य अधिकारियों के साथ दिन भर बस अड्डों पर डटे रहे। उन्होंने बताया कि आगरा परिक्षेत्र के बेड़े में उपलब्ध 737 बसों में से 705 बसों को सड़कों पर उतारा गया और अतिरिक्त फेरे चलाकर भीड़ को संभालने की कोशिश की गई।
हालांकि मौके पर पहुंचे यात्रियों को कहना था कि बसें मिलने में काफी समय लग रहा था और कई परिवारों को घंटों इंतजार करना पड़ा। विभागीय कर्मियों को भी लगातार दबाव में काम करना पड़ा। भीड़भाड़ और कठिनाइयों के बीच आगरा परिक्षेत्र ने राजस्व के मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया।
आगरा परिक्षेत्र ने मात्र पाँच दिनों में 6.33 करोड़ रुपये की कमाई की, जो पिछले साल की तुलना में एक करोड़ रुपये से ज़्यादा है। त्योहार पर दिखी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि रोडवेज की सड़कों पर दौड़ती हर बस प्रदेश की रगों में त्योहार की धड़कन बन चुकी है, लेकिन व्यवस्था को और मजबूत बनाए जाने की दरकार अब भी बनी हुई है।
