बजट सत्र 2025 में 16 महत्वपूर्ण विधेयक पारित, वक्फ संशोधन विधेयक पर ऐतिहासिक बहस;  बहस ने बनाया रिकॉर्ड

Dharmender Singh Malik
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नई दिल्ली: भारतीय संसद के बजट सत्र ने 2025 में अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर मुहर लगाई। इस सत्र के दौरान कुल 16 विधेयकों को लोकसभा और राज्यसभा दोनों से पारित किया गया। इनमें वक्फ संशोधन विधेयक-2025 सहित अन्य महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं, जिनका उद्देश्य देश में विभिन्न क्षेत्रों में सुधार लाना है।

बजट सत्र 31 जनवरी 2025 को शुरू हुआ था, और 7 अप्रैल को समाप्त हो गया। इस सत्र में कुल 26 बैठकें हुईं, जिसमें दोनों सदनों ने अपनी कार्यकुशलता से संसद की उत्पादकता को बढ़ाया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों की उत्पादकता क्रमशः 118% और 119% रही। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को सत्र के समापन के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने बजट सत्र के दौरान संसद के कार्यों की पूरी जानकारी साझा की।

विधेयकों पर चर्चा और पारित

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, बजट सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की गई और उन्हें पारित किया गया। इनमें से कुछ प्रमुख विधेयक थे:

  • वक्फ संशोधन विधेयक-2025: यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार लाने के उद्देश्य से पेश किया गया था। इसके तहत वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से संबंधित हितधारकों को सशक्त किया जाएगा और सर्वेक्षण, पंजीकरण और मामलों के निपटान की प्रक्रिया में सुधार लाया जाएगा।

  • आव्रजन और विदेशी विधेयक-2025: इस विधेयक का उद्देश्य देश में आव्रजन नीति को और अधिक व्यवस्थित करना है। इसमें विदेशी नागरिकों के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई, निवास परमिट और अन्य संबंधित मुद्दों पर विचार किया गया।

  • बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक-2025: इस विधेयक के द्वारा भारतीय बैंकिंग प्रणाली को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है।

  • आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक-2025: यह विधेयक राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सशक्त बनाने के लिए पेश किया गया। इस विधेयक से आपदा प्रबंधन में अधिक स्पष्टता आएगी और विभिन्न संगठनों की भूमिकाओं को बेहतर तरीके से परिभाषित किया जाएगा।

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संसद में हुई बेहतरीन बहस

बजट सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर गहन बहस हुई, जो इस सत्र को यादगार बना गई। खासतौर पर वक्फ संशोधन विधेयक-2025 पर हुई बहस ने एक नया रिकॉर्ड बनाया। इस विधेयक पर बहस ने संसद के इतिहास में समय का नया रिकॉर्ड स्थापित किया, जहां विधेयक पर चर्चा 17 घंटे से अधिक चली।

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव 17 घंटे 23 मिनट तक चला, जबकि राज्यसभा में 21 घंटे 46 मिनट तक बजट पर चर्चा हुई। इस दौरान कुल 173 सदस्य लोकसभा में और 73 सदस्य राज्यसभा में चर्चा का हिस्सा बने।

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अन्य महत्वपूर्ण विधेयक

बजट सत्र के दौरान कुछ और महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा की गई और उन्हें पारित किया गया, जिनमें त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक-2025 प्रमुख है। इस विधेयक से सहकारी क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, यह विश्वविद्यालय सहकारी क्षेत्र में उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में कार्य करेगा और विभिन्न डिग्री कार्यक्रम, दूरस्थ शिक्षा और ई-लर्निंग पाठ्यक्रम प्रदान करेगा।

संसदीय कार्य मंत्री का बयान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में किरेन रिजिजू ने कहा कि बजट सत्र की सफलता इस बात को प्रमाणित करती है कि संसद में अच्छे कार्यों के लिए पर्याप्त समय और संसाधन मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य हमेशा देश के विकास को प्राथमिकता देना है और संसद की कार्यवाही को प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।

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संसदीय कार्य मंत्री के साथ इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और सूचना एवं प्रसारण व संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल मुरुगन भी उपस्थित थे।

कुल मिलाकर, 2025 का बजट सत्र भारतीय संसद के लिए एक उल्लेखनीय सत्र साबित हुआ। इस सत्र में 16 विधेयकों के पारित होने के साथ-साथ, महत्वपूर्ण बहसों और चर्चाओं का आयोजन किया गया, जिससे लोकतंत्र की सशक्तीकरण और विभिन्न क्षेत्रों में सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए गए हैं। यह सत्र आगामी वर्षों के लिए एक आदर्श बनेगा, जिससे आगामी सत्रों में भी कार्यकुशलता और परिणामों में सुधार की उम्मीदें जगाई जा सकती हैं।

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Editor in Chief of Agra Bharat Hindi Dainik Newspaper
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