Agra New, आगरा: फतेहपुर सीकरी से भाजपा सांसद और किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने लोकसभा में बॉयलर अधिनियम 2024 पर अपने विचार व्यक्त करते हुए इसे श्रमिकों, उद्योगों और व्यापारियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि 1923 में स्थापित यह अधिनियम अब 100 साल पूरे कर चुका है और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इसमें संशोधन की आवश्यकता थी।
सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि इस अधिनियम के तहत बॉयलर की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है, जो श्रमिकों के जीवन और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस कानून में सुधार की सराहना करते हुए कहा कि इस सुधार से भारत की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था, उद्योगों की सुरक्षा और श्रमिकों के हितों की रक्षा होगी।
चाहर ने बताया कि इस विधेयक में बॉयलरों के संचालन, निरीक्षण और रख-रखाव के लिए नए दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। इस अधिनियम में छह अध्याय जोड़े गए हैं और 1923 के अप्रचलित प्रावधानों को हटाया गया है। इस अधिनियम के तहत केंद्रीय बॉयलर बोर्ड का गठन किया जाएगा, जो बॉयलरों से संबंधित नियमों की निगरानी करेगा और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस अधिनियम के तहत आधुनिक निरीक्षण प्रणाली को लागू किया जाएगा, जिससे बॉयलरों की पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल रूप से सरल और तेज किया जाएगा। इसके अलावा, सेल्फ सर्टिफिकेशन और थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था की गई है, जिससे व्यापारियों को लालफीताशाही से बचाया जा सकेगा और व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा।
सांसद ने यह भी कहा कि भारत की बढ़ती प्रतिस्पर्धा में, इस विधेयक के जरिए नई टेक्नोलॉजी और नई व्यवस्था को अपनाने से विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और भारत के उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी।
राजकुमार चाहर ने कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक बॉयलर अधिनियम में कोई महत्वपूर्ण संशोधन नहीं किया था और केवल 2007 में कुछ सुधार किए थे, जो पर्याप्त नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि मूल सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यह नया अधिनियम भारत के औद्योगिक सुरक्षा और व्यापार को एक नई दिशा देगा।
इस अधिनियम में बॉयलरों की सुरक्षा, रख-रखाव, और निगरानी पर ध्यान दिया गया है, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आ सके। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस अधिनियम के तहत भारत में औद्योगिक सुरक्षा और व्यापार सुगमता में वृद्धि होगी और इससे नई निवेश अवसर उत्पन्न होंगे।
सांसद ने अंत में सभी सदस्यों से अनुरोध किया कि वे इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करें, ताकि यह देश के श्रमिकों, उद्योगों और व्यापारियों के हित में काम कर सके।
