सिक्किम में हनीमून पर गए प्रतापगढ़ के नवविवाहित जोड़े का वाहन तीस्ता नदी में समाया, 2 हफ्तों से लापता! परिवार ने प्रशासन पर उठाए सवाल, अब कर रहे धार्मिक अनुष्ठान। जानें इस दिल दहला देने वाले हादसे का पूरा अपडेट।
प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले का एक नवविवाहित जोड़ा, जो हनीमून मनाने सिक्किम गया था, एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया है। बताया जा रहा है कि उनका वाहन एक गहरी खाई में गिरने के बाद तीस्ता नदी में समा गया। इस वाहन में उनके साथ कई अन्य लोग भी सवार थे। बीते दो हफ्तों से इस जोड़े की तलाश जारी है, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
परिवार का टूटा सब्र, लौटे घर; भगवान से लगाई आस
कौशलेंद्र प्रताप सिंह और अंकिता सिंह की तलाश में सिक्किम गए पिता शेर बहादुर मंगलवार शाम को अपने रिश्तेदारों के साथ प्रतापगढ़ लौट आए। उनके घर पहुंचते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता शेर बहादुर ने बताया कि “अब सिर्फ भगवान का ही सहारा है।” बेटे और बहू की सलामती की कामना करते हुए परिवार ने एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान शुरू किया है।
खराब मौसम और प्रशासनिक खामियां बनीं बाधा
शेर बहादुर ने सिक्किम के डीजीपी से लेकर राज्यपाल तक और मंगन जिले के एसपी से भी बात की। उन्होंने बताया कि सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस-प्रशासन की टीमें तीस्ता नदी और उसके आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। हालांकि, खराब मौसम उनके काम में बड़ी बाधा बन रहा है। अन्य यात्रियों का सामान—बैग, पर्स, कपड़े—बरामद हुए हैं, लेकिन कौशलेंद्र और अंकिता का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
शेर बहादुर ने सिक्किम सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 22 मई को मौसम विभाग द्वारा रेड अलर्ट जारी किए जाने के बावजूद, पर्यटकों के साथ खिलवाड़ किया गया और उन्हें पास देकर रात में ऐसे स्थान पर जाने दिया गया जहाँ पहले से ही अलर्ट था। उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के बाद रेस्क्यू टीम बीच में ही ऑपरेशन छोड़कर चली गई थी, और जब अगले दिन काम शुरू हुआ तो गाड़ी भी गायब थी।
29 मई का दर्दनाक हादसा
प्रतापगढ़ के उदयपुर के राहाटीकर गांव निवासी 32 वर्षीय कौशलेंद्र प्रताप सिंह और उनकी पत्नी अंकिता, 25 मई को हनीमून के लिए सिक्किम रवाना हुए थे। 29 मई को जब वे गंगटोक से लौट रहे थे, तभी मुंशीथांग इलाके में पर्यटकों से भरी उनकी वैन लगभग 1000 फीट गहरी खाई में गिरकर तीस्ता नदी में समा गई। इस हादसे में 11 पर्यटकों में से केवल दो को जिंदा निकाला जा सका, जबकि आठ पर्यटक लापता हैं, जिनमें कौशलेंद्र और अंकिता भी शामिल हैं।
कौशलेंद्र के पिता शेर बहादुर सिंह, बहू के भाई सौरभ सिंह, चाचा और अन्य रिश्तेदार सूचना मिलते ही गंगटोक पहुंचे थे। उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के राहत कार्यों को देखा, लेकिन खराब मौसम ने कई दिनों तक सर्च ऑपरेशन को प्रभावित किया।
परिवार ने शुरू किया ‘महामृत्युंजय जाप’, सियासी मदद की उम्मीद
मंगलवार को शेर बहादुर सिंह के गांव लौटने पर कौशलेंद्र की मां बेबी सिंह बार-बार बेहोश हो रही थीं। कौशलेंद्र के दादा और भाजपा नेता डॉ. उम्मेद सिंह ने बताया कि बुधवार से राहाटीकर स्थित मां दुर्गेश्वरी धाम में 51 हजार महामृत्युंजय मंत्रों का जाप शुरू किया गया है, जो पांच दिनों तक चलेगा। पूरा गांव और परिवार कौशलेंद्र-अंकिता की सकुशल वापसी के लिए प्रार्थना कर रहा है।
उम्मेद सिंह ने यह भी कहा कि भाजपा के पुराने कार्यकर्ता होने के बावजूद उन्हें पार्टी या सरकार से अपेक्षित मदद नहीं मिली। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी से संपर्क किया, जिन्होंने सिक्किम के राज्यपाल से फोन पर बात कर मदद की अपील की है और प्रदेश सरकार से भी मामले में सक्रिय होने का आग्रह किया है।
कौशलेंद्र के चाचा दिनेश सिंह ने बताया कि एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार खोज और बचाव अभियान चला रही हैं, लेकिन अभी तक न तो कोई शव मिला है और न ही कोई जीवित व्यक्ति। उन्होंने बताया कि कौशलेंद्र और अंकिता का सामान होटल से बरामद हो गया है, लेकिन नदी में डूबने की पुष्टि का कोई पुख्ता सबूत नहीं है।
सिक्किम के स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मंगन जिले में हुए इस हादसे में 11 पर्यटकों को ले जा रहा वाहन तीस्ता नदी में गिरा। हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, दो घायल हुए और आठ लोग लापता हैं, जिनमें प्रतापगढ़ के ये नवदंपती भी शामिल हैं। परिवार अभी भी किसी चमत्कार की आस लगाए बैठा है।
