अलीगंज, उत्तर प्रदेश: अलीगंज में अधिवक्ताओं ने तहसील कर्मियों की लापरवाही और मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन शुरू करेंगे।
अधिवक्ताओं की प्रमुख शिकायतें
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शेष तिवारी और सचिव प्रमोद सक्सेना के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने एडीएम से मिलकर कई गंभीर आरोप लगाए:
- दाखिल-खारिज में देरी: अधिवक्ताओं ने बताया कि दाखिल-खारिज की पत्रावलियों में आदेश नहीं हो रहे हैं और इस संबंध में यह तीसरी बार ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने तहसील कोर्ट के लापरवाह कर्मचारियों के तबादले की मांग की।
- तहसीलदार के स्थानांतरण पर आपत्ति: अधिवक्ताओं ने तहसीलदार संदीप सिंह को अलीगंज न भेजे जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे।
- विरासत और चकबंदी के मामले: विरासत के मामलों और लेखपालों की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे अधिवक्ताओं में भारी रोष है। इसके अलावा, चकबंदी की फाइलें अभी तक अपलोड नहीं हुई हैं, और नायब तहसीलदार पुरानी फाइलों में दोबारा समन भेज रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत है।
- जमानत में धांधली: उन्होंने आरोप लगाया कि जमानत के मामलों में कोर्ट मुहर्रिर द्वारा वकालतनामा नहीं लगाया जाता और सांठ-गांठ करके आरोपियों को बिना जमानत के ही छोड़ दिया जाता है।
सख्त विरोध और आंदोलन की चेतावनी
अधिवक्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे तहसील कर्मियों की मनमानी का जोरदार विरोध करेंगे और आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। इस दौरान वेदप्रकाश यादव, प्रमोद मिश्रा, सुधीर शाक्य सहित कई अन्य अधिवक्ता भी मौजूद रहे।
