थर्ड डिग्री का सच: दूधिया की पिटाई में फंसी खाकी, चार पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज
किरावली में किसान को उल्टा लटकाकर तोड़ी टांगें, पुलिस की पिटाई की जांच में हड्डी टूटने की पुष्टि
अग्र भारत संवाददाता,आगरा।जीवनी मंडी पुलिस चौकी पर एक दूधिया को थर्ड डिग्री देने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। चौकी प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। चौकी प्रभारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है, जबकि एक दरोगा और दो सिपाहियों पर भी निलंबन की तलवार लटक रही है।
किशोरा बेद निवासी नरेंद्र कुशवाह शहर में घर-घर दूध बांटकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घटना के दिन वह गरीब नगर के पास टेंपो खड़ा कर दूध बांट रहे थे। इसी दौरान जीवनी मंडी पुलिस चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और टेंपो को चौकी तक ले चलने को कहा। नरेंद्र के चल पाने में असमर्थ होने पर उन्होंने इंकार कर दिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर चौकी प्रभारी ने अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर नरेंद्र की बेरहमी से पिटाई की और थर्ड डिग्री दी।
पीड़ित का आरोप है कि उसे डंडों से इस कदर पीटा गया कि दो डंडे टूट गए और पैरों में गंभीर सूजन आ गई। इसके बाद पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई दिखाकर मामला दबाने का प्रयास किया। भय और दबाव के चलते प्रारंभिक मेडिकल में चोटों का सही उल्लेख नहीं हो सका। लगातार प्रयासों के बाद 14 जनवरी को दोबारा मेडिकल कराया गया, जिसमें नरेंद्र के पैर में तीन स्थानों पर चोट की पुष्टि हुई।मामला उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के संज्ञान में पहुंचने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई। कुशवाह समाज के नेताओं के हस्तक्षेप के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस आयुक्त ने चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया, जबकि दरोगा सनी, हेड कांस्टेबल संजय और कांस्टेबल राज विहारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। मामले की जांच एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय द्वारा की गई।पीड़ित नरेंद्र कुशवाह के पिता ओमबीर कुशवाह की तहरीर पर छत्ता थाना पुलिस ने चौकी प्रभारी समेत दरोगा, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुराना जख्म, नया सवाल :गौरतलब है कि इससे पहले 1 दिसंबर को किरावली थाने में करहरा निवासी किसान राजू पंडित को थाने में उल्टा लटकाकर बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया था। उस घटना की जांच अपर पुलिस आयुक्त रामबदन द्वारा की गई, जिसमें किसान के पैर की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को भेज दी गई है। हालांकि, उस मामले में पुलिसकर्मियों का निलंबन तो हुआ, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और मानवाधिकारों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
