अंबेडकर नगर। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के कुशल नेतृत्व में जिले की पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस पर एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना हंसवर पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है, जो फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए कारतूसों की अवैध खरीद-फरोख्त कर रहा था।
गिरफ्तारी से खुली परतें
15 अगस्त की दोपहर हंसवर पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कारतूसों की अवैध खरीद का राज खोला। इसी सुराग से पुलिस ने क्रमबद्ध तरीके से पूरे नेटवर्क की परतें उधेड़नी शुरू कीं।
मोबाइल कॉल डिटेल से मिला बड़ा सुराग
पुलिस ने जब आरोपी का मोबाइल खंगाला तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कॉल डिटेल से पता चला कि वह कारतूस अतरौलिया निवासी एक व्यक्ति से खरीदता था। पुलिस ने जाल बिछाकर उसे हंसवर बुलाया और मौके से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो शस्त्र लाइसेंस और कई कारतूस बरामद हुए।
फर्जी निकले शस्त्र लाइसेंस
जब पुलिस ने इन लाइसेंसों का प्रमाणीकरण कराया तो वे फर्जी पाए गए। जिन व्यक्तियों के नाम पर ये लाइसेंस जारी दिखाए गए थे, उनका कहना था कि उन्होंने आवेदन तो किया था, लेकिन कभी उन्हें लाइसेंस प्राप्त ही नहीं हुआ।
अवध गन हाउस से होती थी खरीदारी
जांच में सामने आया कि इन फर्जी लाइसेंसों के जरिए अकबरपुर स्थित अवध गन हाउस से कारतूस खरीदे जा रहे थे। क्षेत्राधिकारी नगर नितेश त्रिपाठी के नेतृत्व में जब गन हाउस के रजिस्टर की जांच की गई, तो पाया गया कि इन लाइसेंसों पर मानक से कहीं अधिक कारतूस बेचे गए थे। साथ ही, रजिस्टर में दर्ज हस्ताक्षर भी एक जैसे प्रतीत हुए।
फर्जी लाइसेंस बनाने वालों तक पहुंचेगी जांच
पुलिस का कहना है कि अब अगला कदम उन लोगों तक पहुंचना है, जो ये फर्जी लाइसेंस बनाते थे। बहुत जल्द उन्हें चिन्हित कर गिरफ्तारी की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के आपराधिक नेटवर्क पर पूरी तरह विराम लगाया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने दी बधाई
इस महत्वपूर्ण सफलता में हंसवर थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने सभी टीमों को सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी और कहा कि अपराधियों पर नकेल कसने की दिशा में यह बड़ी उपलब्धि है।
