सात वर्ष से कम सजा वाले अपराध में आरोपी की गिरफ्तारी अवैध: अदालत ने बिना जमानत प्रार्थना पत्र आरोपी को किया रिहा

सात वर्ष से कम सजा वाले अपराध में आरोपी की गिरफ्तारी अवैध: अदालत ने बिना जमानत प्रार्थना पत्र आरोपी को किया रिहा

MD Khan
By MD Khan
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सात वर्ष से कम सजा वाले अपराध में आरोपी की गिरफ्तारी अवैध है। अदालत ने बिना जमानत प्रार्थना पत्र 20 हजार रुपये के मुचलके पर आरोपी को रिहा कर दिया। यह घटना थाना न्यू आगरा में दर्ज मामले से संबंधित है।

आगरा: थाना न्यू आगरा में दर्ज मामले में आरोपी छितिज गुप्ता को अपराध संख्या 604/2015 धारा 498 ए, 420, 120 बी तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। विवेचक ने 14 दिवस का न्यायिक रिमांड लेने के लिए अदालत में अर्जी दी।

आरोपी के अधिवक्ता विमल पाल सिंह बघेल ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सात वर्ष से कम सजा वाले अपराध में आरोपी की गिरफ्तारी अवैध है। उन्होंने न्यायिक रिमांड अस्वीकृत करने का अदालत से आग्रह किया।

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प्रभारी सीजेएम ने आरोपी के अधिवक्ता के तर्क को स्वीकार करते हुए आरोपी का न्यायिक रिमांड अस्वीकृत कर दिया। अदालत ने 20 हजार रुपये के मुचलके पर आरोपी को रिहा कर दिया।

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