सुल्तान आब्दी
झांसी। जनपद झांसी में विभिन्न यूट्यूबरों द्वारा खुद को आर्थिक लाभ अर्जित करने के फर्जी कूट रचित इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों का उपयोग करने तथा बिना अनुमति के गांवों में चुनावी चौपाल लगाकर शांतिप्रिय ग्रामीण क्षेत्रों में वैमनस्ता द्वेषभावना फैलाने से हो रही विवादित स्थिति पैदा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने ओर अवैध चुनावी चौपालों पर रोक लगाने की मांग को लेकर झांसी मीडिया क्लब के तत्वावधान में अध्यक्ष मुकेश वर्मा के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर मुख्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन पत्रकारों ने उप जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में बताया कि
जनपद झांसी में काफी समय से शासन प्रशासन ओर पत्रकारिता मीडिया का तालमेल काफी अच्छा रहा, जिसके चलते जनहित में समाज हित में कई सराहनीय कार्य भी हुए है।
लेकिन कुछ वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने फॉलोअर्स बढ़ाने ओर अवैध धन उगाही के इरादे से यूट्यूब पोर्टल वाले आ धमके है। यह यूट्यूबर पोर्टल/ फेसबुक पेज वाले अपने फॉलोअर बढ़ाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर शासन प्रशासन की छवि धूमिल करने ओर खुद को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए एक पक्षीय खबर प्रसारित कर जन सामान्य में बेमानस्ता फैला रहे, लोगों में अपनी दुश्मनिया कराने से नहीं चूक रहे है। ऐसे कई मामले सामने आने के बाद भी पुलिस द्वारा केवल इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर ठन्डे बस्ते में डाल दिए जाते है ऐसे लोगों के खिलाफ जो बिना तथ्य के आधार पर किसी के भी खिलाफ किसी की भी बाइट लेकर आपसी लोगों में रंजिश पैदा कराते है, ओर शासन की छवि भी धूमिल कराने से बाज नहीं आते। पुलिस ओर जिला प्रशासन की उदासीनता के चलते इन लोगों ने एक गिरोह तैयार कर लिया ओर लगातार ऐसी घटनाओं को कर रहे। कुछ घटनाओं को बिंदुवार संक्षेप में ज्ञापन के माध्यम से बताई है।
पत्रकारों ने ज्ञापन में बताया के अभी हाल ही में 18/10/2025 को एक जालसाजी के मामले में मध्यप्रदेश के जिला ग्वालियर की पुलिस झांसी आकर उन्होंने मेडिकल कॉलेज के सामने से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया था। इस दौरान आरोपी पक्ष ने ग्वालियर पुलिस पर दबाव बनाने के लिए अपने परिचित के कुछ यूट्यूब पोर्टल वालों को बुलाकर ग्वालियर पुलिस की यूट्यूब पोर्टल वालों के ऑन कैमरे पर जमकर बेइज्जती की थी अभद्रता की थी, इसके बाद आरोपी पक्ष ने चौकी विश्विद्यालय ओर थाना नवाबाद में भी इन्हीं यूट्यूबरों के इशारे पर पुलिस की सरकारी पिस्टल छीनने का प्रयास ओर हंगामा भी किया था, इस घटना में आरोपी पक्ष के साथ आठ दस यूट्यूबर भी शामिल थे, जिन्होंने यह घटना अपने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर पुलिस ओर सरकार की छवि धूमिल करने तथा झूठी खबर चलाकर पुलिस पर दबाव बनाकर आरोपी पक्ष को छुड़ाने का प्रयास किया था। इस संबंध में मध्यप्रदेश की जिला ग्वालियर के थाना झांसी रोड पुलिस ने थाना नवाबाद में आरोपी पक्ष ओर यूट्यूबरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इन कर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। क्योंकि यह फेसबुक संचालक, यूट्यूबर संचालक खुद को बचाने के लिए किसी भी पत्रकार संगठन में घुस कर पदाधिकारी बन जाते है।
पत्रकारों ने ज्ञापन देते हुए बताया कि देखने में आता है कि पुलिस या जिला प्रशासन के यहां ज्ञापन, शिकायत करने आने वाले फरियादियों से उनकी खबर चलाकर पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाकर कार्य करवाने का एवज में पैसे लेकर बिना किसी ठोस सबूत के विपक्षियों का शिकायत कर्ता से बार बार नाम बुलवा कर उसे अपनी खबर के माध्यम से बदनाम करते है, यह यूट्यूबर चंद पैसों की लालच में बिना किसी ठोस सबूत साक्ष्य के किसी की भी बाइट लेकर किसी को भी भू माफिया, गैंगस्टर, शातिर अपराधी, बलात्कारी, बालू माफिया, गुंडा आदि बना देते है। ऐसे मामलों में पुलिस प्रशासनिक कार्यालय में यूट्यूबरों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। उन्होंने मांग करते हुए बताया कि अभी हाल ही में देखने में आया समाजसेवी ओर जमीन कारोबारियों का जमीनों को लेकर चल रहे आपसी मन मुटाव के बाद समन्वय हो गया। जिस पर इन लोगों से अवैध धन उगाही न होने पर इन्हें भू माफिया बताकर इन सभी के खिलाफ सोशल मीडिया फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी की। जिसकी शिकायत समाज सेवी ने कोतवाली थाना में इनके खिलाफ शिकायत की थी। लेकिन यह शिकायत ठंडे बस्ते में डाल दी। जिससे ऐसे यूट्यूबर ओर फेसबुक संचालकों के हौंसले बुलंद है।
ज्ञापन में आरोप लगाया कि देखने में आया है कि यह अवैध धन उगाही करने वाले यूट्यूबर पोर्टल, फेसबुक संचालक गिरोह बनाकर चलते है, किसी के यहां कोई बेसमेंट खुद रहा हो तो वहां मौके पर पहुंच कर उसकी वीडियो ग्राफी करते फिर उसकी अपने कूट रचित संसाधनों से बने यूट्यूब पोर्टल, फेसबुक पेज पर वीडियो वायरल करते है, अगर फिर भी बेसमेंट खुदवाने वाला इनके झांसे में नहीं आया तो यह लोग जेडीए विभाग, खनिज विभाग में जेई ओर सर्किल अधिकारी से मिलकर साठगांठ कर लिखित शिकायत देकर अवैध रुपए मांगने का दबाव बनाते है। ऐसे युटुब पोर्टल, फेसबुक पेज संचालकों द्वारा सरकारी विभागों में दी जाने वाली शिकायतों पर उनसे यह पूछा जाए कि आपको इस निर्माण से क्या परेशानी है आप उनके पड़ोसी तो है नहीं फिर शिकायत क्यों लिखकर दे रहे। सभी विभागों को निर्देशित किया जाए ऐसी शिकायतों पर कार्यवाही से पहले जांच करें।

पत्रकारों ने ज्ञापन में बताया कि यह यूट्यूब पोर्टल, फेसबुक पेज संचालक झांसी शहर ही नहीं देहात के इलाकों में कस्बों में भी गिरोह बनाकर पहुंच जाते है वहां सरकारी राशन की दुकान, गौशालाओं, ग्राम पंचायतों में घुसकर वीडियोग्राफी कर उन सभी लोगों को ब्लैकमेल करते है, ओर सरकारी राशन की दुकान वालों को डरा धमका कर उनसे हर माह की किस्त बांधने पर खबर न चलाने की बात करते है। अभियान चलाकर ऐसे गिरोह के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए।
उन्होंने बताया कि झांसी जनपद में कुछ फेसबुक पेज, यूट्यूबर संचालक गिरोह कई अपने आप को आर्थिक लाभ पहुंचाने, अवैध धन उगाही करने के लिए कई वर्षों से शान्ति के बतावरण को दूषित करने ओर राजनीतिक विवाद बढ़ाने के लिए ग्रामीण चौपाल लगाना शुरू कर दी है। यह चौपालों में यह लोग बिना किसी जिला प्रशासन को सूचना दिए ओर बिना किसी जिला प्रशासन से अनुमति लिए चौपाल लगाकर वहां ग्रामीणों को एकत्रित कर चुनावी चौपाल लगा रहे है, इन चौपालों में माइक कैमरा के आगे लोगों अपनी अपनी दुश्मनी निकालने, तथा शरारती तत्व क्षेत्र का वर्मतावरण दूषित करने के लिए अनर्गल बयानबाजी करते है, जिसे यह लोग प्रसारित करते है जो पूर्णतः गलत है। इनके इन कृत्यों से आगामी पंचायत चुनाव से पहले ही लोगों में आपसी रंजिश बढ़ने लगी है, एक दूसरे को चोर साहूकार बनाने में जुटे हुए है। ऐसी अवैध चौपालों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाकर इनके खिलाफ कार्यवाही की जाए। सभी ने ज्ञापन के माध्यम से झांसी जनपद में कुछ फेसबुक, यूट्यूब संचालक लगातार तथ्य विहीन भ्रामक खबरे प्रसारित कर अवैध धन उगाही कर रहे ओर शासन, प्रशासन के साथ साथ देश का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार समाज को भी बदनाम कर छवि धूमिल कर रहे है। पत्रकारों ने संपूर्ण प्रकरण को गंभीरता से लेकर मजिस्ट्रेट जांच कराकर ऐसे लोगों पर निरोधात्मक कार्यवाही की मांग की है। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार राम कुमार साहू, राम गोपाल शर्मा, राम नरेश यादव, अश्वनी मिश्रा, राजेश चौरसिया, बालेंद्र गुप्ता, सुल्तान आब्दी, दीपक त्रिपाठी, मुकेश तिवारी, राजीव सक्सेना, ब्रिजेश साहू, भूपेंद्र रायकवार, दीपक चौहान, नवीन यादव,रवि साहू, दीप चंद्र चौबे, रोहित झा, कलाम कुरैशी, मोहम्मद आफरीन, परमेंद्र सिंह, अरविंद भार्गव, नवीन कुमार वर्मा, मनीष अली, राहुल कोस्टा, समेत दर्जनों पत्रकार उपस्थित रहे।
