फायरिंग, पथराव और अफरातफरी— पुलिस को पांच मौतों की सूचना निकली झूठी
42 नामजद, 80 अज्ञात पर केस, 13 गिरफ्तार गांव में तनाव, हर मोड़ पर तैनात पुलिस
आगरा। 2026 के ग्रामपंचायत के प्रधानी चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन आगरा के गांव अकबरा में बुधवार रात चुनावी रंजिश का बारूद वक्त से पहले ही फट पड़ा।रात ढलते ही गांव में दो पक्षों के बीच ऐसा बवाल मचा कि पुलिस को फायरिंग और पांच लोगों की मौत की सूचना तक मिल गई।
मौके पर पहुंची पुलिस को न गोलियां मिलीं, न लाशें — पर पथराव और दहशत ने गांव को रणभूमि में जरूर बदल दिया।
ट्रैक्टर से शुरू हुआ विवाद, बवाल में बदला जानकारी के मुताबिक, वर्तमान प्रधान कर्मवीर पक्ष और भूपेश तोमर पक्ष के बीच लंबे समय से वर्चस्व की जंग चल रही थी।
बुधवार रात एक पक्ष ट्रैक्टर लेकर गुजर रहा था, तभी ट्रैक्टर एक घर से टकरा गया। बस, इतनी सी बात पर गाली-गलौज से शुरू हुआ झगड़ा देखते ही देखते हिंसा में बदल गया।
लाठी-डंडे, सरिया और ईंट-पत्थर चले। कुछ देर में पूरा गांव दंगामय हो गया। महिलाएं और बच्चे घरों में दुबक गए, दुकानों के शटर गिर गए और सड़कें सूनी हो गईं। पुलिस के सामने भी भिड़े दोनों पक्ष ,फायरिंग की सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस के साथ न्यू आगरा और हरीपर्वत सर्किल की फोर्स मौके पर पहुंची।लेकिन पुलिस के सामने भी दोनों पक्ष भिड़ गए। अफरातफरी के बीच पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।फोर्स ने गांव के रास्तों से सरिया, लाठी-डंडे और लोहे के पाइप बरामद किए। ,झूठी निकली मौत की खबर,
मगर हकीकत थी डरावनी ,पुलिस जांच में सामने आया कि फायरिंग और मौत की सूचना झूठी थी, पर गांव में उपद्रव असली था।एसआई आशीष कुमार त्यागी की तहरीर पर पुलिस ने 42 नामजद और 80 अज्ञात के खिलाफ बलवा और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। ,गांव में तनाव, हर चेहरे पर खामोशी ,गांव में इस समय सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण बोलने से बच रहे हैं। पुलिस हर मोड़ और गली में तैनात है।अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई न हुई तो यह झगड़ा चुनावी मौसम में बड़े विवाद में बदल सकता है।थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने बताया “दोनों पक्षों के बीच वर्चस्व की लड़ाई को लेकर बवाल हुआ था। फायरिंग में मौत की सूचना झूठी निकली है। गांव में शांति बनाए रखने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।”
