जैथरा (एटा) नववर्ष के जश्न के बीच जैथरा कस्बे में मानव संवेदनाओं को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मुख्य बाजार स्थित मोहल्ला कृष्णगंज में एक शोक संतृप्त परिवार के घर के सामने भजन संध्या का आयोजन किए जाने से कस्बे में लोगों के बीच तीखी चर्चा का विषय बना हुआ है।
मोहल्ला कृष्णगंज निवासी लकी की पत्नी पदमाबती (32) का बुधवार को बीमारी के चलते निधन हो गया। अचानक हुई इस घटना से परिवार और रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं। शोक की इस घड़ी में कस्बे के कई लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर संवेदना प्रकट की। दोपहर करीब दो बजे मृतका का अंतिम संस्कार किया गया। श्मशान से लौटने के बाद भी घर में मातम पसरा रहा और परिजन ढांढस बंधाने आए लोगों के बीच आंसुओं में डूबे रहे।
इसी बीच, अंतिम संस्कार के कुछ ही समय बाद मोहल्ले के कुछ युवकों ने नववर्ष के उपलक्ष्य में मृतका के घर के दरवाजे पर टेंट लगाकर खाटू श्याम की भजन संध्या की तैयारी शुरू कर दी। यह दृश्य देख बाहर से आए रिश्तेदार और शोक में डूबे लोग हैरान रह गए। क्या उत्सव मनाने से पहले मानवीय संवेदना का भी कोई महत्व नहीं रहा।
घटना को लेकर नगर के प्रबुद्ध वर्ग के लोगों ने निंदा की है। उन्होंने कहा कि शोक संतृप्त परिवार के दरवाजे पर इस तरह का आयोजन सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत है। उनका सुझाव था कि यदि भजन संध्या का आयोजन करना ही है तो उसे शोकग्रस्त परिवार से दूर किसी सार्वजनिक स्थल, जैसे कृष्ण लीला रंगमंच पर कराया जाना चाहिए।
कस्बे में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे मानवीय संवेदनाओं के पतन के रूप में देख रहे हैं, जहां एक ओर परिवार मातम में डूबा रहा, वहीं दूसरी ओर नववर्ष के नाम पर जश्न, मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य बताया जा रहा है।
भजन संध्या होती रही, इंसानियत रोती रही। नववर्ष का ऐसा जश्न, मानवता हुई शर्मसार!
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