UP news:आगरा।भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज 25 जून, 1975 को लगे आपातकाल की 50वीं बरसी पर भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार विरोध जताया। बुधवार को ब्रज क्षेत्र कार्यालय, जयपुर हाउस में आगरा महानगर और जिला भाजपा द्वारा संगोष्ठी और प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें लोकतंत्र पर किए गए ‘हमले’ को याद करते हुए कांग्रेस की तीखी आलोचना की गई।
“सत्ता की भूख ने रचा था काला इतिहास” — भाजपा महानगर अध्यक्ष
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा, “आपातकाल लोकतंत्र पर हमला नहीं, सीधा युद्ध था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता बचाने के लिए देश को जेल बना दिया। संविधान के साथ खिलवाड़ कर उसे पहचान से ही अलग कर दिया गया।” उन्होंने कहा कि 25 जून हर साल याद दिलाता है कि कांग्रेस सत्ता के लिए कितनी नीचे जा सकती है।
“तानाशाही नहीं चलेगी, लोकतंत्र ही जीतेगा” — जिला अध्यक्ष प्रशांत पोनिया
भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत पोनिया ने कहा, “भारत तानाशाही को कभी स्वीकार नहीं कर सकता। यही कारण है कि जब आपातकाल समाप्त हुआ, तो जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया और देश में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी।”
काली पट्टी बांधकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन
कार्यक्रम में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने काली पट्टियां पहनकर ‘आपातकाल मुर्दाबाद’, ‘कांग्रेस पार्टी हाय-हाय’ जैसे नारों के साथ कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताया जिन पर लिखा था — “50 साल बाद भी जख्म हरे हैं”, “संविधान बचाओ – तानाशाही मिटाओ”।
ये रहे प्रदर्शन में प्रमुख चेहरे
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से शिव कुमार प्रमुख, संतोष कटारा, हेमंत भोजवानी, मुनेंद्र जादौन, सत्यदेव दुबे, महेश शर्मा, मेघराज सोलंकी, राहुल सागर, सत्यप्रकाश लोधी, सुधीर राठौर, प्रेम सिंह धाकड़, बब्बू चौधरी, अभिषेक गुप्ता, हाजी अल्ताफ हुसैन समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
