लखनऊ: 22 फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन और शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए योगी सरकार ने कड़े प्रबंध किए हैं। वॉट्सएप से लेकर सोशल मीडिया तक अराजक तत्वों पर नजर रखी जाएगी।
नकल करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई:
यदि कोई परीक्षार्थी प्रश्नपत्र लीक करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर होगी विशेष निगरानी:
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों को चिह्नित किया है। इन केंद्रों पर एसटीएफ और स्थानीय अधिसूचना इकाई के माध्यम से विशेष निगरानी की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा-144 लागू:
परीक्षा केंद्रों के आसपास 100 मीटर की परिधि में धारा-144 लागू की जाएगी।
नकल रोकने के लिए किए गए इंतजाम:
प्रश्नपत्रों को खोलने की कार्यवाही सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में की जाएगी।
संकलन केंद्रों एवं स्ट्रांग रूम पर 24 घंटे निगरानी के लिए सशस्त्र बल एवं लाइव सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की गई है।
1297 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 430 जोनल मजिस्ट्रेट, 75 राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक तथा 416 सचल दस्ते का गठन किया गया है।
एसटीएफ, एलआइयू और पुलिस भी सक्रिय रहेंगे।
परीक्षा की अवधि:
बोर्ड परीक्षाएं 12 कार्य दिवसों में संपन्न होंगी।
हाईस्कूल के 29,47,311 और इण्टरमीडिएट के 25,77,997 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
कुल 55,25,308 परीक्षार्थियों में से 5360745 संस्थागत और 164563 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं।
परीक्षा केंद्रों की संख्या:
2017 से पहले 12 हजार से भी अधिक परीक्षा केंद्र थे।
ऑनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण व्यवस्था से 2024 में परीक्षा केंद्रों की संख्या कम होकर 8265 हो गई है।
अतिसंवेदनशील जिले:
प्रयागराज, अलीगढ़, मथुरा, कौशाम्बी, आगरा, बलिया, मैनपुरी, बागपत, मऊ, हरदोई, आजमगढ़, चंदौली, देवरिया, गाजीपुर, गोड़ा और एटा जिलों को अतिसंवेदनशील जिला माना गया है।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर:
राज्य स्तर पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय लखनऊ के साथ-साथ विद्या समीक्षा कद्र लखनऊ और परिषद मुख्यालय, प्रयागराज और 05 क्षेत्रीय कार्यालयों में भी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं।
इन सेंटरों से प्रदेश के समस्त परीक्षा केंद्रों एवं जनपद स्तरीय कंट्रोल एवं मॉनिटरिंग सेंटर की लाइव मॉनीटरिंग की जाएगी।
