मां ने जेठ पर लगाया अपहरण कर हत्या का आरोप, पिता की बीमारी और मकान विवाद से थे परेशान
आगरा। थाना हरीपर्वत क्षेत्र के गांधी नगर निवासी बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात डीसी (एमडीएम) 32 वर्षीय आकर्ष अग्रवाल का शव हरियाणा के अंबाला कैंट स्थित रेलवे ट्रैक पर मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन बदहवास हो गए। मां ने अपने जेठ पर अपहरण कर हत्या कराने का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि पुलिस प्रथम दृष्टया मामले को आत्महत्या मानकर जांच कर रही है।
परिजनों के अनुसार, आकर्ष के पिता सुबोध अग्रवाल लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। उन्हें 10 दिनों तक एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती रखा गया था। 20 फरवरी को आकर्ष ने उन्हें डिस्चार्ज कराया था और बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की तैयारी कर रहे थे। अस्पताल से पिता को एंबुलेंस से घर भेजकर वह खुद दवा लेने की बात कहकर निकले थे, लेकिन इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला।
परिजनों ने थाना हरीपर्वत में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उनका मोबाइल फोन भी बंद जा रहा था। सोमवार दोपहर अचानक मोबाइल ऑन हुआ। कॉल करने पर दूसरी ओर से जीआरपी अंबाला के पुलिसकर्मी ने फोन उठाया और रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना दी। भेजे गए फोटो के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान आकर्ष अग्रवाल के रूप में की।इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां शशि अग्रवाल बेहोश हो गईं। बहन शिवाली, जो प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं, सूचना मिलते ही घर पहुंचीं। परिवार में अंबाला जाने के लिए कोई पुरुष सदस्य नहीं था। ऐसे में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आकर्ष के साथ कार्यरत सहकर्मियों ने परिजनों का सहयोग किया और पुलिस टीम के साथ अंबाला रवाना हुए।मामले में मकान विवाद का पहलू भी सामने आया है। बताया गया कि जिस मकान में परिवार रह रहा है, वह उनके ताऊ के नाम दर्ज है। हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट से भी फैसला ताऊ के पक्ष में आया था। छह माह के भीतर मकान खाली करने के आदेश थे। बीमार पिता और मां के लिए नए आवास की व्यवस्था को लेकर आकर्ष मानसिक तनाव में थे।
मां ने थाना हरीपर्वत में अपने जेठ मनोज अग्रवाल के खिलाफ तहरीर दी है। आरोप है कि मकान विवाद के चलते वह लगातार बेटे को जान से मारने की धमकी दे रहे थे।थाना प्रभारी हरीपर्वत नीरज शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम परिजनों के साथ अंबाला गई है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि परिजनों की तहरीर के आधार पर सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
