झांसी। किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने और गेहूं खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए झांसी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी क्रय केंद्र पर किसानों का उत्पीड़न हुआ या बिचौलियों की दखलअंदाजी पाई गई, तो संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ सीधे कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी के लिए ’31 बिंदुओं’ का मास्टर प्लान
खरीद व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए जिलाधिकारी ने एक विस्तृत रणनीति तैयार की है:
18 नोडल अधिकारियों की तैनाती: एसडीएम सहित 18 जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल बनाया गया है।
31 बिंदुओं की चेकलिस्ट: निरीक्षण के लिए अधिकारियों को 31 मानकों वाली चेकलिस्ट दी गई है। इसमें तौल कांटे, पानी की व्यवस्था, बैठने के इंतजाम और फ्लैक्स बोर्ड जैसी बुनियादी सुविधाओं की जांच शामिल है।
48 से 72 घंटे में भुगतान: डीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं कि गेहूं खरीद के बाद किसानों के बैंक खाते में 48 से 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
झांसी में गेहूं खरीद की वर्तमान स्थिति
जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल के अनुसार, जनपद में खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है:
कुल केंद्र: जिले में 66 गेहूं क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
अब तक की खरीद: 30 मार्च से शुरू हुई प्रक्रिया में अब तक 195 किसानों से 15,000 कुंतल गेहूं खरीदा जा चुका है।
MSP: किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित ₹2,585 प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है।
बोरों की उपलब्धता: प्रशासन के पास 621 गांठ बोरे उपलब्ध हैं, जो सभी केंद्रों पर पहुंचा दिए गए हैं।
बिचौलियों पर प्रशासन की टेढ़ी नजर
जिलाधिकारी ने अपील की है कि किसान अपनी मेहनत की फसल बिचौलियों को सस्ते दामों में न बेचें। उन्होंने अधिकारियों को केंद्रों के आसपास घूमने वाले बिचौलियों पर सतत नजर रखने और पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में गेहूं की कटाई जारी है, जिससे आने वाले दिनों में केंद्रों पर आवक बढ़ने की पूरी संभावना है।
