एटा। प्रोग्रेसिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से विकास प्रदर्शनी एटा में एक महत्वपूर्ण पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पत्रकारों की समस्याओं, अधिकारों और मौजूदा चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकार के साथ अन्य जनपदों से आए पत्रकार मौजूद रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए संगठन के जिला अध्यक्ष पवन चतुर्वेदी ने पत्रकार हितों की जोरदार पैरवी की। उन्होंने प्रशासन को आईना दिखाते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को केवल जिम्मेदारियों की याद दिलाना काफी नहीं है, बल्कि उसकी सुरक्षा, सम्मान और आजीविका की भी उतनी ही जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की है। उन्होंने पत्रकारों पर बढ़ते दबाव, उत्पीड़न और उपेक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सच लिखने की कीमत अगर डर और असुरक्षा बन जाए, तो यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार राज बहादुर उपाध्याय ने अपने ओजस्वी संबोधन से सम्मेलन को नई दिशा दी। उन्होंने पत्रकारिता की दुश्वारियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का पत्रकार दोहरी लड़ाई लड़ रहा है—एक तरफ सच्चाई को सामने लाने की चुनौती और दूसरी तरफ व्यवस्था की बेरुखी। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी, अस्थिर आय और सुरक्षा के अभाव के बावजूद पत्रकार समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं, जो किसी तपस्या से कम नहीं है।
सम्मेलन में वक्ताओं ने पत्रकार सुरक्षा कानून, मानदेय, स्वास्थ्य बीमा और सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियों की मांग उठाई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रोग्रेसिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन पत्रकारों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा और किसी भी अन्याय के खिलाफ संगठित संघर्ष करेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी पत्रकारों ने एकजुटता का संकल्प लिया और पत्रकार हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया गया।
प्रोग्रेसिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन का सम्मेलन: पत्रकार हितों पर तीखा प्रहार
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