जैथरा (एटा)। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले एक युवक के लिए दो माह का बिजली बिल किसी आफत से कम नहीं निकला। बिल पर लिखी 11,585 रुपये की रकम देखते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूर्यानगर मोहल्ले में रहने वाले पंकज के लिए इतनी रकम उसको महीने भर में मिलने वाली मजदूरी से कहीं अधिक है।
पंकज पुत्र सुरेश पूड़ी-कचौड़ी की दुकान पर काम करता है। दिनभर की मेहनत के बाद जो थोड़ी-बहुत कमाई होती है, उसी से घर का खर्च चलता है। घर में न कोई भारी मशीन है और न ही बिजली की असाधारण खपत, इसके बावजूद जब दो माह का बिजली बिल हाथ में आया तो उसकी आंखें भर आईं। पंकज का कहना है कि पहले उसका बिल सीमित राशि में आता रहा है, लेकिन इस बार आई रकम ने उसे चिंता में डाल दिया है।
बिल लेकर जब वह विद्युत उपकेंद्र जैथरा पहुंचा तो वहां उसे संतोष जनक जवाब नहीं मिला। अपनी परेशानी बताते हुए उसने अधिकारियों से गुहार लगाई कि इतनी बड़ी रकम चुकाना उसके लिए संभव नहीं है। परिवार की जरूरतें पहले ही कम आमदनी में किसी तरह पूरी हो पाती हैं, ऐसे में इतना भारी बिल उसके लिए बोझ बन गया है।
इस मामले में एसडीओ रोशन कुमार का कहना है कि बिल और मीटर की जांच कराकर उपभोक्ता की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
हालांकि, यह पहला मामला नहीं है। पहले भी गलत बिल आने की शिकायतें सामने आती रही हैं। सवाल यह है कि हर बार गलती सिस्टम की होती है, लेकिन उसका खामियाजा गरीब उपभोक्ता क्यों भुगते? समय रहते बिलिंग प्रणाली में सुधार न हुआ तो ऐसे बिल कई और घरों की नींद उड़ाते रहेंगे।
दो माह का बिजली बिल 11,585 रुपये, बिल देखकर उपभोक्ता को आया पसीना –
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