लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में हुई घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश। उन्होंने कहा कि दोषी कोई भी हो, हर एक पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को घटना की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि घटना में दोषी कर्मचारी/अधिकारी की घोर लापरवाही एवं कर्तव्यपालन में शिथिलता संज्ञान में आयी है। उक्त विवाद के संबंध में स्व.सत्य प्रकाश दुबे द्वारा ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा के संबंध में आईजीआरएस के अंतर्गत अनेक शिकायतें मुख्यमंत्री संदर्भ के रूप में आनलाइन पुलिस विभाग/राजस्व विभाग को भेजी गई थीं, लेकिन दोनों विभाग के संबंधित अधिकारियों द्वारा गम्भीरतापूर्वक संज्ञान लेकर निस्तारण नहीं कराया गया।
मुख्यमंत्री ने राजस्व एवं पुलिस विभाग के विभिन्न अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध निम्न विवरण के अनुसार कार्यवाही के निर्देश दिए हैं:
- वर्तमान उपजिलाधिकारी योगेश कुमार गौड़ एवं क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर जिलाजीत को तत्काल निलंबित किया जाए।
- पूर्व में उपजिलाधिकारी रहे राम विलास, ओम प्रकाश, ध्रुव शुक्ला एवं संजीव कुमार उपाध्याय के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाए।
- सेवानिवृत्त तहसीलदार वंशराज राम एवं सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक रामानन्द पाल के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करें।
- अभय राज (वर्तमान में निलंबित तहसीलदार) को अतिरिक्त आरोप पत्र जारी किया जाए।
- रामाश्रय तत्कालीन तहसीलदार, सम्प्रति तहसीलदार जनपद बलरामपुर को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही संस्थित की जाए तथा केशव कुमार तहसीलदार रूद्रपुर को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही की जाए।
- विशाल नाथ यादव (राजस्व निरीक्षक), राजनन्दनी यादव (क्षेत्रीय लेखपाल), अखिलेश (लेखपाल) को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही की जाए।
- हेड कॉन्स्टेबल राजेश प्रताप सिंह, कॉन्स्टेबल अवनीश चौहान, हल्का प्रभारी / उपनिरीक्षक जय प्रकाश दुबे व प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह को निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू की जाए।
- पूर्व में आईजीआरएस के संदर्भों में निस्तारण में लापरवाही के लिये उत्तरदायी पाए गए का. कैलाश पटेल, कॉन्स्टेबल राम प्रताप कन्नौजिया, सुभाष यादव एवं उ.नि. सुनील कुमार, पूर्व प्रभारी निरीक्षक, रूद्रपुर को निलंबित किया जाए तथा तत्कालीन क्षेत्राधिकारी, रूद्रपुर दिनेश कुमार सिंह यादव के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना से प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस घटना की पुन: समीक्षा करें और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रभावी उपाय किए जाएं।
