आगरा : डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा का 91वाँ दीक्षांत समारोह आज स्वामी विवेकानंद (खंदारी) परिसर स्थित छत्रपति शिवाजी मंडपम में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने की, जिन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को पदक, उपाधियाँ और ट्रॉफियाँ प्रदान कीं।
छात्राओं ने मारी बाजी: सर्वाधिक पदक जीते

इस वर्ष के दीक्षांत समारोह की सबसे खास बात यह रही कि 77 में से 76 पदक छात्राओं ने प्राप्त किए, जबकि छात्रों को 41 पदक मिले। कुल 117 पदकों में 100 स्वर्ण और 17 रजत पदक शामिल थे। एसएन मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र शिखर सिंह को सर्वाधिक 11 पदक मिले। इसके अलावा, 144 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधियाँ दी गईं और 57,519 स्नातक, 14,306 व्यावसायिक तथा 9,282 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं।
विश्वविद्यालय को मिला A+ ग्रेड, कुलाधिपति ने की सराहना
कुलपति प्रो. आशु रानी ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की पिछले एक वर्ष की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शिक्षकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयासों से विश्वविद्यालय को A+ ग्रेड मिला है, जो कुछ नकारात्मक प्रयासों के बावजूद एक बड़ी उपलब्धि है। कुलाधिपति महोदया ने इस सफलता के लिए सभी को बधाई दी और भविष्य में इसे विश्व के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में शामिल करने का लक्ष्य रखा।
शोध, समाज सेवा और नवाचारों पर जोर

समारोह में उत्कृष्ट शोध और सामाजिक कार्यों के लिए तीन शिक्षकों को सम्मानित किया गया:
* प्रो. गौतम जैसवार (श्रेष्ठ शोध कार्य)
* प्रो. अर्चना सिंह (श्रेष्ठ सामाजिक कार्य)
* प्रो. मनु प्रताप सिंह (ओवरऑल कार्यों के लिए श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान)
इसके साथ ही, विश्वविद्यालय में 10 नई पुस्तकों का विमोचन किया गया और कई नई सुविधाओं का उद्घाटन हुआ, जिनमें चंदन एवं योग वाटिका, स्नातक प्रयोगशालाएँ, और पुस्तकालयों में RFID सुविधा शामिल हैं।
जल संरक्षण और खेलो इंडिया का संदेश
अपने संबोधन में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह संदेश सिर्फ एक विश्वविद्यालय के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश और विश्व के लिए है। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘खेलो इंडिया’ अभियान का भी उल्लेख किया और विद्यार्थियों को खेल और कला में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि राजभवन में भी बच्चों को शिक्षा देने और बांसुरी सिखाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्य अतिथि, प्रो. (डॉ.) के.जी. सुरेश ने छात्राओं की सफलता पर खुशी व्यक्त की और डॉ. भीमराव आंबेडकर के संघर्ष से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के दीपक से अज्ञानता का अंधेरा दूर करने और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र हित में काम करने की सलाह दी।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय और राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने भी विजेताओं को बधाई दी और उनसे समाज के लिए एक ‘मॉडल’ बनने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित
विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले विद्यार्थियों को कुल ₹3.80 लाख की पुरस्कार राशि दी गई। इसके अलावा, साहित्यिक युवा महोत्सव की प्रतियोगिताओं में भी मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया:
पन्ना लाल अंग्रेज़ी वाद-विवाद: संस्कृति राठी और तान्या (बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय)
गंगाधर शास्त्री हिन्दी वाद-विवाद: आगरा कॉलेज और सेंट जॉन्स कॉलेज (संयुक्त विजेता)
वाक प्रतियोगिता: निधि (सेंट जॉन्स कॉलेज)
विचार गोष्ठी: रिया श्रीवास्तव (सेठ पदम चंद जैन प्रबंधन संस्थान)
