आगरा। पुलिस कमिश्नरेट आगरा में कानून व्यवस्था के दावों के बीच दबंगों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। तीन दिन पूर्व हाइवे पर हुई एक सनसनीखेज घटना ने पुलिस की सक्रियता और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार फाउंड्री नगर डिपो से संबद्ध रोडवेज बस के चालक विकास कुशवाह (पुत्र बिजेंद्र सिंह) मंगलवार रात्रि करीब 10 बजे परिचालक अरविंद यादव के साथ भगवान टॉकीज मार्ग से फाउंड्री नगर डिपो की ओर जा रहे थे। जैसे ही बस रामबाग चौराहे के समीप पहुंची, तभी आधा दर्जन बाइकों पर सवार करीब एक दर्जन अज्ञात दबंगों ने जबरन बस को रोक लिया। आरोप है कि दबंगों ने बस से चालक विकास कुशवाह को नीचे खींच लिया और सरेराह जमकर मारपीट की। जब परिचालक अरविंद यादव ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया गया। अचानक हुई इस वारदात से बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और भय का माहौल बन गया। मारपीट के बाद आरोपी धमकियां देते हुए मौके से फरार हो गए। चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद थाना एत्माद्दौला में तहरीर दिए जाने के तीन दिन बाद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि बस में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और पूरी घटना कैमरों में कैद बताई जा रही है। उधर, रोडवेज प्रशासन ने भी अब तक मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं समझी है। न तो चालक को सुरक्षा का भरोसा मिला और न ही दोषियों के खिलाफ किसी तरह की पहल की गई। हाइवे पर चलती बस को रोककर चालक की पिटाई जैसी घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कानून का खौफ अपराधियों में क्यों नहीं है और कब तक आमजन व सरकारी कर्मचारी यूं ही असुरक्षित रहेंगे।तहरीर का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र दुबे-थाना प्रभारी, एत्माद्दौला
