एटा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के एटा जनपद का थाना कोतवाली नगर इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर काफी चर्चा में है। यहाँ प्रतिदिन कोई न कोई ऐसा कारनामा सामने आ रहा है, जिससे पुलिस प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है। शहर में नशे का कारोबार बेतहाशा बढ़ गया है, और पुलिस की कथित ‘मौन’ सहमति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस की नाक के नीचे पनप रहा है नशे का धंधा
रिपोर्ट्स के अनुसार, कोतवाली नगर क्षेत्र में पुलिस की नाक के नीचे नशे का धंधा फल-फूल रहा है। कोतवाली से महज कुछ मीटर की दूरी पर खुलेआम नशे की पुड़िया, स्मैक, गांजा और शराब बिक रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चुप्पी और उदासीनता देखने को मिल रही है। सवाल यह उठता है कि क्या यह कानून का खौफ है या फिर ‘मिलीभगत’ का?
लोग तो अब यह तक कहने लगे हैं कि एटा में चाहे कुछ भी गलत काम करो, सिर्फ पैसे देने को होना चाहिए, कुछ भी नहीं होगा। यह स्थिति उन लोगों के लिए चौंकाने वाली है जिन्होंने ‘योगीराज’ में कानून व्यवस्था को लेकर एक बेहतर पहचान की उम्मीद की थी।
वायरल वीडियो और सिपाही पर आरोप

सकीट रोड स्थित हिंदूनगर की झुग्गी-झोपड़ियों में नशे का यह अवैध कारोबार बेधड़क चल रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक युवक खुलेआम नशे की पुड़िया बेचते हुए नज़र आ रहा है। वीडियो में वह व्यक्ति खुद यह भी कहता सुनाई दे रहा है कि कोतवाली में वापस आए एक सिपाही की ‘मेहरबानी’ से यह धंधा निर्बाध चल रहा है।
स्थानीय निवासियों ने कई बार कोतवाल से शिकायत की है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि संबंधित सिपाही पहले भी विवादों में रहा है और अब उसकी वापसी के साथ ही नशे का कारोबार फिर से परवान चढ़ गया है।
युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में, शाम को सड़कों पर मेले जैसा माहौल
शहर में युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आती जा रही है। हर शाम हिंदूनगर और आसपास शहर की प्रमुख गलियों में युवाओं की भीड़ देखी जा सकती है। एटा नगर के प्रमुख स्पॉट मेहता पार्क पर भी भीड़ के बीचों-बीच खुले में तख्त पर शराब पीते शराबियों की तस्वीरें इसका जीता-जागता सबूत हैं।
नशे की गिरफ्त में आई युवा पीढ़ी सड़कों किनारे झूमती मिलती है। हालात यह हो चुके हैं कि इलाका शाम होते ही किसी मेले जैसा नज़र आता है, जहां शराबी और नशेड़ी खुलेआम घूमते हैं। जिस कारण सभ्य महिलाएँ, पुरुष और बच्चे शाम को घरों से निकलने से भी डरते हैं।
मेडिकल कॉलेज मार्ग और रेलवे रोड की स्थिति
मोहल्ला कमला नगर निवासी राकेश कुमार ने बताया कि एटा में कुछ दिनों से हालात बद से बदतर हो गई है। जिला मुख्यालय मेडिकल कॉलेज के अंदर जाने वाले प्रमुख रास्ते पर शाम होते ही शराबियों तथा अराजक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। वे खुलेआम सड़क पर खड़े होकर शराब पीते हैं और रास्ते से निकलने वालों पर उल्टे-सीधे कमेंट भी करते हैं, जिसकी शिकायत भी कई बार की जा चुकी है, किंतु कोई सुनने वाला नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि बीती रात उन्हीं शराबियों ने उनके घर के बाहर खड़ी दो कारों की बैटरी, स्टपनी आदि सामान चोरी कर लिया।
वहीं, मोहल्ला शांति नगर निवासी हृदयेश कुमार ने बताया कि शाम होते ही रेलवे रोड पर सड़क किनारे शराबियों की लाइन लग जाती है। दुकानों और ठेलों पर शराबी ही खड़े नज़र आते हैं। जबकि थाना पुलिस का एक जत्था रोड पर घूमकर गश्त की खानापूर्ति करता है। जिसमें क्षेत्राधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सभी अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर अपने कर्तव्यों की पूर्ति कर फोटो खिंचवाकर ट्वीट कर ग्रुप पर शेयर करते देखे जा सकते हैं, किंतु सड़कों की सच्चाई किसी को भी नहीं दिखती।
जिम्मेदार कौन और कब लगेगी लगाम?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की चुप्पी इस बात का संकेत है कि या तो वे नाकाम हैं, या फिर संरक्षण दे रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन अवैध धंधों पर लगाम कब लगेगी? और कब पुलिस अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएगी?
अब समय आ गया है कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले की जांच कर, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, ताकि शहर की युवा पीढ़ी को नशे के गर्त में जाने से बचाया जा सके और कानून व्यवस्था बहाल हो सके।
