झांसी: जनपद और आसपास के इलाकों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के मद्देनजर जिलाधिकारी श्री मृदुल चौधरी ने सुकुवां-ढुकुवां बांध का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बढ़ते जल स्तर से संभावित बाढ़ को देखते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पर्यटकों और ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि बांध और नदियों के आस-पास पर्यटकों को पानी के करीब न जाने दिया जाए, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने विशेष रूप से जल प्रवाह की दिशा में बने रपटे (causeway) पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा। इसके साथ ही, उन्होंने प्रभावित होने वाले गांवों की जानकारी ली और वहां के निवासियों को सतर्क करने के लिए नदी किनारे चेतावनी के साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विगत वर्षों के अनुभवों के आधार पर, जिन गांवों में बाढ़ का खतरा है, वहां के अधिकारियों को ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों की पूरी तैयारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर

निरीक्षण के दौरान बेतवा प्रखंड के अधिशासी अभियंता श्री बृजेश कुमार पोरवाल ने जिलाधिकारी को बताया कि बांध में अभी तक अधिकतम 35 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे अभी तक किसी भी गांव में कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इससे अधिक पानी छोड़े जाने पर ही जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है।
जिलाधिकारी ने पारीछा डैम का भी निरीक्षण किया और सभी एसडीएम, तहसीलदारों और बाढ़ चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जल स्तर पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां चाक-चौबंद होनी चाहिए।
इस मौके पर अधिशासी अभियंता श्री बृजेश कुमार पोरवाल, सहायक अभियंता श्री प्रभात कुमार, और अवर अभियंता श्री शैलेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
