झाँसी, उत्तर प्रदेश, सुल्तान आब्दी: जनपद में भीषण गर्मी के बीच बिजली और पानी की गंभीर समस्या से परेशान नागरिकों ने अब एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। एक सर्वदलीय बैठक में लिए गए निर्णय के बाद बुंदेलखंड बिजली जन आक्रोश आंदोलन समिति का गठन किया गया, और आज शुक्रवार (23 मई, 2025) को इसी बैनर तले महानगर के इलाईट चौराहा पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बिजली विभाग और ऊर्जा मंत्री के मुर्दाबाद के नारे लगाए गए, जिससे इलाका गूंज उठा। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन के नेतृत्व में आंदोलन

पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन के नेतृत्व में गठित इस समिति के तत्वावधान में सर्वदलीय नेताओं, समाजसेवियों और अधिवक्ताओं ने इस प्रदर्शन में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि जब झाँसी में बिजली का उत्पादन हो रहा है, तो पूरे बुंदेलखंड को बिजली क्यों नहीं उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रदीप जैन ने कहा कि पिछले पंद्रह दिनों से झाँसी शहर ही नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड की विद्युत व्यवस्था बदहाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि “अधिकारियों और सत्ता दल के नेताओं के घरों में लाइट आ रही है, जबकि आम आदमी के घरों में अंधेरा पड़ा है, बच्चे बिलबिला रहे हैं। इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है।”
निजीकरण की साजिश का आरोप, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि यह बिजली संकट विद्युत विभाग को निजीकरण के हाथों सौंपने की एक बड़ी साजिश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक जनता को बिजली सुचारू रूप से और पानी की सप्लाई सही ढंग से नहीं मिल जाती, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
इस धरना प्रदर्शन में सैयद सादिक अली (बुंदेलखंड अध्यक्ष, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन), राहुल रिछारिया, राईस खान, जिला अध्यक्ष बबलू आजाद, सादिक बरकाती, फुरकान खान, मनीराम कुशवाह, अर्चना गुप्ता, उत्कल साहू, ऋतुराज शर्मा, कुंवर सतेंद्र पाल सहित कई पार्टियों के नेता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। यह आंदोलन बुंदेलखंड में बिजली और पानी के संकट से जूझ रही जनता की आवाज बन गया है।
