एडीएम प्रशासन ने पट्टा आवंटन निरस्त कर, भूमि को बंजर में दर्ज करने का दिया आदेश
एटा: गैर जनपद विवाह होने के बाद भी महिला ने तथ्यों को छिपाकर अपने मायके में पट्टा आवंटित करा लिया। शिकायत पर एडीएम प्रशासन की कोर्ट में मुकदमा चला। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीएम ने महिला का पट्टा आवंटन निरस्त कर, भूमि बंजर, नवीन परती में दर्ज का आदेश तहसीलदार को भेजा है।
उपजिलाधिकारी अलीगंज ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को प्रेषित स्वमेव आख्या में अवगत कराया कि विपक्षी सुशीला देवी पत्नी लाखन सिंह, निवासी ग्राम प्यारमपुर, तहसील पटियाली, कासगंज को अलीगंज तहसील के ग्राम गुहटिया खुर्द व कलां को कृषि भूमि का पट्टा आवंटित हुआ था। आवंटित भूमि बंजर व नवीन परती श्रेणी की थी। पट्टेदार ग्राम सभा की निवासी नहीं है। इसलिए आवंटित पट्टा निरस्त किया जाए। एसडीएम की आख्या के आधार पर एडीएम प्रशासन के न्यायालय में वाद योजित हुआ। कोर्ट ने विपक्षी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा, परन्तु कोई जवाब नहीं दाखिल किया गया। विपक्षी ने नोटिस का जवाब दाखिल की जगह प्रारंभिक आपत्ति प्रस्तुत की। जिसमें उसने बताया कि पट्टा आवंटन के समय वह पात्र थी और गांव में ही अपने पति के साथ अलग मकान बनाकर निवास करती थी। उसने साक्ष्य के रूप में वोटर कार्ड भी पेश किया। शासकीय अधिवक्ता ( राजस्व) ने विपक्षी के तर्कों को खारिज करते हुए बताया कि विपक्षी ने सोची समझी रणनीति के तहत निर्वाचक नामावली में नाम में शामिल कराया है। राजस्व लेखपाल की आख्यानुसार आवंटी गांव की निवासिनी नहीं है।
दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश ने महिला का पट्टा आवंटन निरस्त कर, भूमि को बंजर, नवीन परती में दर्ज करने का आदेश तहसीलदार अलीगंज को दिया है।
