जैथरा,एटा: जैथरा नगर के एकमात्र खेल मैदान पर कराए गए अवैध निर्माण का मामला करीब ढाई माह बीत जाने के बाद भी अब तक पहेली बना हुआ है। खेल और युवाओं के भविष्य से जुड़े इस गंभीर प्रकरण में न तो दोषियों की पहचान हो सकी है और न ही जिम्मेदारों पर कोई कार्यवाही हो पाई है। नतीजतन, नगर में असंतोष और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो इस खेल मैदान पर अवैध कब्जा कर उसे बेचने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। इसके लिए बाकायदा रणनीति बनाई गई और तथाकथित तौर पर विधि-विधान से भूमि पूजन भी कराया गया। हैरानी की बात यह है कि इस भूमि पूजन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि पूरा खेल सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जा रहा था। इसके बावजूद अभी तक यह तय नहीं हो पाया कि अवैध निर्माण में कौन कौन शामिल था।
मामला तब सुर्खियों में आया जब स्थानीय समाचार पत्रों में इस अवैध निर्माण को लेकर खबरें प्रकाशित हुईं। खबरों के सामने आने के बाद हरकत में आए प्रशासन ने निर्माण कार्य तो रुकवा दिया, लेकिन यहीं पर कार्रवाई की रफ्तार थम सी गई। ढाई माह का लंबा समय बीत जाने के बाद भी यह तय नहीं हो पाया है कि आखिर यह अवैध निर्माण किसके इशारे पर और किसने शुरू कराया था।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती तो भविष्य में अवैध निर्माण में संलिप्त लोगों के हौसले और अधिक बुलंद होंगे।
नगरवासियों का आरोप है कि खेल मैदान जैसी सार्वजनिक और शैक्षणिक उपयोग की भूमि पर कब्जे की कोशिश कोई छोटा मामला नहीं है, फिर भी प्रशासनिक स्तर पर इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
इस पूरे मामले में जब जिला विद्यालय निरीक्षक इंद्रजीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि श्री गांधी सार्वजनिक इंटर कॉलेज, के विद्यालय प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और अवैध निर्माण कराने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि,नगरवासी केवल नोटिस जारी होने से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक दोषियों के नाम सार्वजनिक नहीं होते और उन पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता। सवाल यह भी है कि क्या प्रशासन ढाई माह बाद भी इस गुत्थी को सुलझा पाएगा ?
