आगरा। आगरा के जेपी वेडिंग स्क्वायर में आयोजित दो दिवसीय अपने-अपने राम कार्यक्रम के पहले दिन, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त राम कथा मर्मज्ञ डॉ. कुमार विश्वास ने हजारों आगरावासियों को राम कथा के विविध प्रसंग सुनाए। इस दौरान उन्होंने राम कथा के गहरे और वैज्ञानिक पहलुओं को उजागर करते हुए एक अहम संदेश दिया कि भारत के परिवारों और संस्कारों को पश्चिमी षड्यंत्रों से बचाने के लिए हमें सिर्फ राम कथा सुनने ही नहीं, बल्कि इसे हर घर में सुनाना भी होगा।
राम कथा का वैज्ञानिक विवेचन
कार्यक्रम के दौरान डॉ. कुमार विश्वास ने राम कथा के विभिन्न प्रसंगों का वैज्ञानिक विवेचन किया और यह भी बताया कि राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वालों पर कैसे निशाना साधा जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “इंद्र के बेटे जयंत की आंख में राम द्वारा फेंके गए तीर की तरह ही सेंसर्ड ड्रिवन मिसाइलें गोल-गोल घूमकर दुश्मन को निशाना बनाती हैं।” राम कथा के इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने सभी श्रोताओं को न केवल मंत्रमुग्ध किया, बल्कि यह भी बताया कि राम के विचार और कार्य अब भी हमारे समाज और परिवारों में प्रासंगिक हैं।
पश्चिमी षड्यंत्र और राम कथा का महत्व
डॉ. कुमार विश्वास ने इस अवसर पर पश्चिमी देशों के षड्यंत्रों की ओर इशारा किया और कहा कि उनका उद्देश्य हमारे परिवार और संस्कारों को समाप्त करना है। उन्होंने यह भी कहा कि “अगर हमारे घर में राम का वास है, तो हमारे संस्कार सुरक्षित रहेंगे।” उन्होंने यह महत्वपूर्ण बात भी कही कि राम कथा सुनना और सुनाना, दोनों ही परिवारों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम हैं।
उन्होंने आगे कहा, “राम सिर्फ किसी पार्टी के नहीं, बल्कि इस देश की आत्मा हैं। राम कथा हमारी आत्मा की इम्युनिटी को बढ़ाती है और यही कारण है कि लाखों लोग कुंभ मेले में आते हैं।”
राम के आदर्श और संस्कृति की बात करते हुए
डॉ. कुमार विश्वास ने राम के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “राम किसी पार्टी या नेता के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं। उनका आदर्श हमें यह सिखाता है कि अपने परिवार और समाज के लिए क्या करना चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि राम की कथा सुनकर हम अपने परिवारों में प्यार और सामंजस्य बनाए रख सकते हैं।
उन्होंने परिवारों को जोड़ने के इस उपाय के साथ यह भी कहा, “आपका परिवार अगर राम से जुड़ा रहेगा तो पश्चिमी षड्यंत्र नहीं आ पाएगा। यही हमारे संस्कार और हमारी संस्कृति की रक्षा का सबसे अच्छा तरीका है।”
कथा के बीच उमड़े भक्ति के रंग
कार्यक्रम के दौरान राम कथा के साथ-साथ भजनों और कविताओं का आयोजन भी हुआ। सैकड़ों राम भक्त भक्ति भाव में डूबे रहे और विभिन्न भजनों ने वातावरण को और भी भक्ति पूर्ण बना दिया। “चलो अब लौट चलें रघुराई”, “राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी हैं”, जैसे भजनों ने श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
समापन की ओर
दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन रविवार को होने वाला है, जिसमें डॉ. कुमार विश्वास राम कथा के और भी प्रसंगों पर चर्चा करेंगे। इस अवसर पर राम के आदर्शों और उनकी कथा के महत्व को पुनः उजागर किया जाएगा।
मुख्य अतिथि एवं शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, और अन्य प्रमुख अतिथियों द्वारा दीप जलाकर किया गया।
डॉ. कुमार विश्वास का यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह हमारे समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए एक जागरूकता का संदेश भी था। उनका कहना है कि अगर हम अपने परिवारों में राम की कथा और विचारों को जिंदा रखें, तो कोई भी बाहरी षड्यंत्र हमारे संस्कारों को खत्म नहीं कर सकता।
