अछनेरा अनाज मंडी में हड़कंप, पुलिस ने समझा कर उतारा नीचे
अछनेरा । फतेहपुर सीकरी के गांव सिकरौदा निवासी किसान धर्मवीर पुत्र हरलाल अपनी मेहनत की कमाई से उगाई गई धान की फसल बेचने एक सप्ताह पूर्व अछनेरा स्थित अनाज मंडी पहुंचा था। आढ़ती दिनेश की दुकान पर धान की बोली ₹2190 प्रति क्विंटल तय हुई थी।लेकिन बीते दिन हुई बारिश के कारण किसान की धान की बोरियां भीग गईं, जिस पर आढ़ती ने फसल खरीदने से मना कर दिया। इससे आहत होकर किसान मंडी परिसर में लगे टावर पर चढ़ गया और आत्महत्या का प्रयास करने लगा।घटना से मंडी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत और समझाइश के बाद किसान को सुरक्षित नीचे उतारा।पीड़ित किसान के भाई ने आरोप लगाया कि आढ़ती किसानों के साथ मनमानी करते हैं और किसानों की सुविधा के लिए बने टीन शेड पर अनधिकृत कब्जा कर रखा है।कस्बा प्रभारी उपनिरीक्षक नवजीत सिंह ने बताया कि किसान की फसल का भुगतान पूर्व में तय दर पर करा दिया गया है। दोनों पक्षों में समझौते के बाद मामला शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया है।
किसानों की फसल सुरक्षा और MSP व्यवस्था पर उठे सवाल :यह घटना एक बार फिर किसानों की फसल सुरक्षा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। मेहनतकश किसान जब मंडियों में अपनी उपज लेकर पहुंचते हैं, तो उन्हें आढ़तियों की मनमानी, भाव में अस्थिरता और सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता है।अछनेरा मंडी की यह घटना स्पष्ट करती है कि सरकार की MSP नीति का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन अब भी चुनौती बना हुआ है।
